सोनीपत: जींद-गोहाना-दिल्ली हाइड्रोजन ट्रेन सहित तीन रेल परियोजनाओं की मांग
सोनीपत: कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात करते हुए।
- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से डॉ. अरविंद शर्मा ने मुलाकात कर गोहाना की रेल परियोजनाओं पर चर्चा की
- तीन महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिज और रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण की मांग रखी
सोनीपत, अजीत कुमार। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर गोहाना क्षेत्र की रेल सुविधाओं के विस्तार और लंबित परियोजनाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने जींद-गोहाना होते हुए दिल्ली तक हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की मांग रखी। साथ ही क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिज और रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण का मुद्दा भी उठाया।
डॉ. शर्मा ने बुधवार को कहा कि जींद-गोहाना-दिल्ली रेलमार्ग पर हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन क्षेत्र को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने गोहाना-महम रोड पर रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन के लेवल क्रॉसिंग संख्या-29 एसपीएल पर दो लेन रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग की। इस फाटक पर ओवरब्रिज बनने से शहरवासियों को जाम से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।
उन्होंने मोहाना-सलारपुर माजरा मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग संख्या-22सी पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जल्द कराने की मांग भी रखी। यह मार्ग आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ओवरब्रिज बनने से ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन पर गोहाना-बरोदा-जुलाना रोड के लेवल क्रॉसिंग संख्या-30 एसपीएल पर दो लेन रेलवे अंडरब्रिज बनाने का मुद्दा उठाया गया। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से रेलवे फाटकों पर होने वाली परेशानी कम होगी और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। मुलाकात में गोहाना क्षेत्र से जुड़ी अन्य रेल परियोजनाओं और विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। डॉ. शर्मा ने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से यातायात के साथ व्यापार, उद्योग, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करेगी।
डॉ. शर्मा ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे में आधुनिक तकनीक और बेहतर यात्री सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीक भविष्य की परिवहन व्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकती है।
