सोनीपत: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
सोनीपत: संयुक्त किसान मोर्चा की जिला कमेटी का प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत में संयुक्त किसान मोर्चा की जिला कमेटी ने अखिल भारतीय समिति के आह्वान पर भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके गए तथा राष्ट्रपति के नाम बुधवार को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन से पहले छोटूराम धर्मशाला में सभा आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ सदस्य कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी ने की, जबकि संचालन कॉमरेड ईश्वर सिंह राठी ने किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता लागू होता है तो इसका सबसे अधिक असर किसानों और आम जनता पर पड़ेगा। उनका कहना था कि इससे अनाज, दाल और डेयरी उत्पादों से जुड़े किसानों को नुकसान होगा और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है।
सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों के हितों और अमेरिकी दबाव में यह समझौता करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश में पहले से ही रोजगार की समस्या बनी हुई है और युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका दावा था कि यह समझौता लागू होने पर हालात और कठिन हो सकते हैं। वक्ताओं ने पेपर लीक जैसे मामलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बताया कि आगामी अट्ठाईस जुलाई को दिल्ली में संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। इसके बाद उनतीस जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त सम्मेलन तालकटोरा स्टेडियम में होगा, जिसमें किसान और मजदूर संगठनों की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सभा के बाद किसान छोटूराम धर्मशाला से जुलूस के रूप में पुलिस लाइन पहुंचे। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके गए तथा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया। प्रदर्शन में हंसराज राणा, जयकरण दहिया, रामनिवास राणा, भगत सिंह, वजीर सिंह, इंदर सिंह, बलबीर सिंह, सिलकराम मलिक, हरि प्रकाश, ब्रह्म सिंह दहिया, कपिल देव अधिवक्ता, ईश्वर सिंह दहिया, डॉ. सतपाल रांगी, दलबीर सिंह, बलबीर सैनी, जगबीर दहिया, जय भगवान, सुरेंद्र सिंह, भारत, मुख्तार खान और जगबीर राणा सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बताया गया कि यह कार्यक्रम अखिल भारतीय समिति के निर्णय के तहत आयोजित किया गया।
