सोनीपत: कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर जाम, किसान रोके गए, शाम को रिहा हुए
सोनीपत: हरियाणा की तरफ नेशनल हाइवे 44 पर कुंडली बॉर्डर पर लगा लंबा जाम इनसेट वह बाड़ी जिसमें किसानेा को ले जाया जा रहा है।
- नेशनल हाईवे-44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर के पास करीब चार किलोमीटर लंबा जाम
सोनीपत, अजीत कुमार। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में मंगलवार को दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कुंडली-सिंघु बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। दिल्ली पुलिस ने हरियाणा से दिल्ली जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच की। इसके चलते नेशनल हाईवे-44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर के पास करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सामान्य दिनों में सफर में लोगों को पूरा करने काफी मशक्कत करनी पड़ी।
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने बताया कि हरियाणा के विभिन्न जिलों से किसान प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए थे। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोककर हिरासत में लिया, जबकि बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल किसानों का आभार जताते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर हर वाहन की जांच की। कई किसान नेताओं और किसानों को बॉर्डर पर ही रोककर हिरासत में लिया गया तथा बाद में उन्हें संबंधित थानों में ले जाया गया। शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया। गोहाना क्षेत्र से किसान घाट जा रहे किसानों को भी गांव बड़ोता के पास रोका गया। पुलिस ने करीब पचास किसानों को हिरासत में लेकर गोहाना सदर थाना पहुंचाया। किसानों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। पुलिस की नाकेबंदी का असर आम लोगों पर भी पड़ा। हाईवे पर ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एसीपी मलकीत सिंह ने बताया कि संसद घेराव के आह्वान को देखते हुए कुंडली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है ताकि कोई असामाजिक तत्व दिल्ली में प्रवेश न कर सके। उन्होंने बताया कि वाहनों की जांच की गई और सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए गए। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित हिरासत में लिए गए अन्य नेताओं को शाम को रिहा कर दिया गया।

सत्यवान नरवाल ने कहा कि देश बचाओ मोर्चा देश के किसान संगठनों का साझा मंच है और इसकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार और किसान संगठनों के बीच किसी प्रकार का समझौता नहीं हुआ है तथा आगे की रणनीति आधिकारिक निर्णय के बाद ही घोषित की जाएगी।
