सोनीपत भाजपा का बढ़ता कुनबा: सोनीपत में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए पूर्व डिप्टी मेयर व अन्य
सोनीपत: मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ मंजीत गहलावत, राजेश दहिया और विधायक निखिल मदान।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब कांग्रेस के पूर्व डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत, पूर्व पार्षद नीतू मलिक और गैस एजेंसी संचालक राजेश दहिया ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थित में सोमवार देर सांय भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। इस घटनाक्रम को शहर की राजनीति में अहम माना जा रहा है, जहां लंबे समय से टिकट वितरण और संगठन को लेकर चल रहे विवाद अब खुलकर सामने आ गए हैं।
मंगलवार को मनजीत गहलावत ने बताया कि उपचुनाव के दौरान उन पर और कई पार्षदों पर भीतरघात के आरोप लगाए गए थे। नगर निगम चुनाव में उन्होंने पार्षद टिकट की दावेदारी भी की थी। शुरुआत में उनका नाम सूची में होने की चर्चा रही, लेकिन बाद में नाम हटने पर स्थानीय नेताओं की टिकट कटवाने का आरोप कमल दीवान पर लगाया गया।
उन्होंने कहा कि वे नई और पुरानी कांग्रेस के बीच फंसे रहे। उनका आरोप है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा संगठन मजबूत करने के पक्ष में नहीं हैं और उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं कि संगठन में किसे जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। विचारधारा के मुद्दे पर गहलावत ने कहा कि कमल दीवान से उनकी सोच नौ महीने पहले भी नहीं मिलती थी और आगे भी नहीं मिलेगी।
भाजपा में शामिल होने के फैसले पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उन्हें सम्मान नहीं मिला। पार्टी के चुनाव प्रभारी के कहने पर उन्होंने भाजपा जॉइन की और अब भाजपा को मजबूत करने में पूरा सहयोग देंगे। बागी कहे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में जाने से बागी कहा जाता है तो फिर मोहन लाल बड़ौली के पारिवारिक कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी पर भी सवाल उठने चाहिए।
टिकट बेचने के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जयवीर आंतिल और कमल दीवान ने सभी 22 वार्ड की टिकट लगभग 15 लाख रुपये प्रति वार्ड के हिसाब से बेचने की योजना बनाई। उनका दावा है कि जिताऊ उम्मीदवारों की अनदेखी की गई और पुराने कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया गया। 20 से 25 साल से जुड़े कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया गया, जबकि दूसरी पार्टी से आए लोगों को मौका मिला। इससे कांग्रेस संगठन कमजोर हो रहा है। इस मौके पर सोनीपत विधायक निखिल मदान भी मौजूद रहे।
