सोनीपत खबर: सोनीपत पुलिस मुठभेड़ पर उठे सवाल, जांच के आदेश
सोनीपत: निजी अस्पताल में जाते परिवार के सदस्य
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत में क्राइम ब्रांच खरखौदा और गोहाना सदर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ विवादों में घिर गई है। घटना में दो युवकों को निशाना बनाया गया, जिनमें से एक के पैर में गुरुवार को गोली लगी जबकि दूसरे को हिरासत में लिया गया। घायल युवक की पहचान बड़वासनी निवासी शौर्य और उसके साथी अमित के रूप में हुई है। दोनों इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई से जुड़े बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पार्टी पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए विरोध जताया। पुलिस की ओर से तत्काल स्पष्ट जवाब न मिलने पर परिजन और पार्टी प्रतिनिधि जिला अध्यक्ष कुनाल गहलावत के साथ पुलिस आयुक्त ममता सिंह से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों युवक कोल्ड ड्रिंक लेने गए थे और पुलिस ने बिना बातचीत किए गोली चला दी। आयुक्त ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
पुलिस के अनुसार रोहतक में हुए एक गोलीकांड में वांछित कार के सोनीपत की ओर आने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर गांव भैंसवाल के पास गोहाना-फरमाणा मार्ग पर नाकाबंदी की गई। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध हुंडई वेन्यू कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन दो युवक वाहन से उतरकर खेतों की ओर भागने लगे, जिसके बाद अफरा-तफरी में गोली चली और शौर्य घायल हो गया।
घायल को तुरंत गोहाना के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार जारी है। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने पहचान किए बिना जल्दबाजी में गोली चलाई। उनका दावा है कि शौर्य का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है और घटना से पहले दोनों युवक गांव आवली में चल रहे नाले की सफाई के ठेके का काम देख रहे थे।
आईएसओ से जुड़े इशू दहिया ने बताया कि गर्मी अधिक होने के कारण दोनों युवक उनकी कार लेकर कोल्ड ड्रिंक और नींबू लेने गए थे और भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा था। लौटते समय यह घटना हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले में एसीपी अजीत सिंह ने कहा कि बिना नंबर प्लेट वाहन के भागने की सूचना पर नाकाबंदी की गई थी और संदिग्धों के भागने के दौरान गोली लगी। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
