January 25, 2026

अहमदाबाद विमान हादसा: पहले से खराब था बोइंग 787, क्या समय रहते रोकी जा सकती थीं 270 मौतें?

Ahmedabad plane crash: Boeing 787 was already faulty, could 270 deaths have been prevented in time?

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 फ्लाइट टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद क्रैश हो गई थी।

अहमदाबाद। अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एअर इंडिया के भीषण विमान हादसे को लेकर अब बड़े और गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इस दुर्घटना में 270 लोगों की जान चली गई थी और सिर्फ एक यात्री ही चमत्कारिक रूप से बच पाया था। अमेरिका की संस्था फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि क्रैश हुआ बोइंग 787 विमान पहले से ही गंभीर तकनीकी खामियों से जूझ रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से एक साथ कई अहम सिस्टम बंद हो गए, जिससे टेकऑफ के कुछ सेकेंड बाद ही विमान रिहायशी इलाके में गिर गया। हैरानी की बात यह है कि चार साल पहले इसी विमान में उड़ान के दौरान आग लगने की घटना भी हो चुकी थी, लेकिन इन खामियों को सार्वजनिक नहीं किया गया।

2014 से ही सामने आ रही थीं तकनीकी दिक्कतें
FAS के अनुसार यह बोइंग 787 विमान वर्ष 2014 से सेवा में था। व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों के हवाले से कहा गया है कि विमान में शुरुआत से ही बार-बार तकनीकी खराबियां सामने आती रही थीं, जिन्हें अस्थायी तौर पर ठीक कर उड़ान में लगाया जाता रहा।

उड़ान के दौरान लग चुकी थी आग
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2022 में उड़ान के दौरान विमान में आग लगने की घटना हुई थी। आशंका है कि इससे विमान के आंतरिक इलेक्ट्रिकल और सॉफ्टवेयर सिस्टम को स्थायी नुकसान पहुंचा, लेकिन इस घटना की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

इलेक्ट्रिकल फेलियर बना हादसे की वजह?
FAS का कहना है कि आधुनिक विमानों के ज्यादातर सिस्टम बिजली और सॉफ्टवेयर पर निर्भर होते हैं। अगर इलेक्ट्रिकल सप्लाई में खराबी आती है तो एक साथ कई सिस्टम फेल हो सकते हैं। अहमदाबाद हादसे में भी यही स्थिति सामने आई हो सकती है।

बोइंग 787 पर वैश्विक सवाल
संस्था ने बताया कि बोइंग 787 को लेकर सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी करीब 2,000 तकनीकी फेलियर की शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जो पूरी 787 फ्लीट की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं।

एअर इंडिया को भारी आर्थिक झटका
इस हादसे और अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते एअर इंडिया को चालू वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के घाटे का अनुमान है। हादसे ने न सिर्फ भरोसा तोड़ा, बल्कि विमान सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है।

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