January 26, 2026

मारिया कोरिना मचाडो: ट्रम्प से मिलीं वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो, नोबेल मेडल भेंट किया

Venezuelan opposition leader Machado meets Trump, presents Nobel Medal

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात की। यह पहली बार है जब ट्रम्प ने किसी वेनेजुएलाई नेता से आमने-सामने बातचीत की है। मुलाकात के बाद मचाडो ने दावा किया कि उन्होंने ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक भेंट किया। उन्होंने इसे वेनेजुएला के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि देश के लोकतांत्रिक संघर्ष में अमेरिका की भूमिका अहम है। हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ट्रम्प ने पदक स्वीकार किया या नहीं। इस मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि नोबेल पुरस्कार से जुड़े नियम पदक और उपाधि को लेकर अलग-अलग प्रावधान करते हैं।

व्हाइट हाउस में ऐतिहासिक मुलाकात
ट्रम्प और मचाडो की यह बैठक बंद कमरे में हुई। मचाडो ने इसे सकारात्मक बताते हुए कहा कि ट्रम्प को वेनेजुएला की स्थिति की गहरी समझ है और वे वहां के लोगों के दर्द को महसूस करते हैं।

नोबेल मेडल देने पर क्या कहा मचाडो ने
मचाडो ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल सौंपा। उन्होंने इसे अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लोकतांत्रिक भाईचारे का प्रतीक बताया।

नोबेल संस्थान की प्रतिक्रिया
नोबेल संस्थान ने साफ किया कि पदक का मालिक बदला जा सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की उपाधि ट्रांसफर नहीं होती। यानी मचाडो ही आधिकारिक नोबेल विजेता रहेंगी।

ट्रम्प की प्रतिक्रिया
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर मचाडो को “अद्भुत महिला” बताया और कहा कि उनसे मिलना सम्मान की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बीच आपसी सम्मान है।

चुनाव और सत्ता पर चर्चा नहीं
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने स्पष्ट किया कि बैठक में वेनेजुएला के संभावित चुनाव या सत्ता परिवर्तन पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई।

मचाडो का राजनीतिक सफर
मचाडो 2024 में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार थीं, लेकिन उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। इसके बावजूद वे वेनेजुएला में लोकतंत्र की मजबूत आवाज बनी हुई हैं।

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