सांसद दीपेंद्र हुड्डा की पीएम से मांग-वायु प्रदूषण पर राष्ट्रीय योजना बने
सांसद दीपेंद्र हुड्डा की पीएम से मांग—वायु प्रदूषण पर राष्ट्रीय योजना बने।
सोनीपत। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने लोकसभा में वायु प्रदूषण के बढ़ते संकट पर कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया और कहा कि दिल्ली, हरियाणा सहित पूरा उत्तर भारत जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर साल केवल खानापूर्ति करती है, जवाब देती है लेकिन इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस बजट नहीं देती। हुड्डा ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे खुद इस मुद्दे पर पहल करें और सभी प्रभावित राज्यों—हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान—के मुख्यमंत्रियों के साथ एक संयुक्त समूह बनाकर पर्याप्त बजट वाली राष्ट्रीय परियोजना लाएं, ताकि वायु प्रदूषण से स्थायी समाधान मिल सके।
उन्होंने कहा कि दुनिया के 50 सबसे प्रदूषित शहरों में से 43 भारत में और 12 हरियाणा में हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दिखाता है। संसद परिसर में मास्क पहनकर पहुंचे हुड्डा ने याद दिलाया कि 2017 में उन्होंने ‘राइट टू क्लीन एयर बिल’ भी पेश किया था, जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया। आज उनके कार्यस्थगन प्रस्ताव को भी मंजूरी नहीं मिली।
सदन में हुड्डा ने ‘संचार साथी’ ऐप की अनिवार्य प्रीलोडिंग पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी ऐप को जबरन हर मोबाइल में डालना नागरिकों की निजता पर सीधा प्रहार है और इससे निगरानी का खतरा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी लोकतांत्रिक देश में ऐसा नहीं किया जाता।
इस पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्टीकरण दिया कि सरकार आदेश में बदलाव पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ने पर इसे वापस भी लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी माना कि तकनीक का नकारात्मक उपयोग संभव है। हुड्डा ने कहा कि जब तक आदेश पूरी तरह वापस नहीं होगा, निजता को लेकर सवाल बने रहेंगे।
चर्चा के दौरान उनके साथ सांसद जय प्रकाश जेपी, सतपाल ब्रह्मचारी और वरुण मुलाना भी मौजूद रहे।
