January 7, 2026

तुलसी व भागवत पूजन दिवस: तुलसी-भागवत पूजन से AGCR में फीकी पड़ी क्रिसमस की रौनक

Tulsi-Bhagwat worship dims Christmas spirit in AGCR

भागवत महापुराण यज्ञ में तुलसी व भागवत पूजन।

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के एजीसीआर एनक्लेव में 25 दिसंबर को संतों के सानिध्य में मनाए गए “तुलसी व भागवत पूजन दिवस” ने इस वर्ष क्रिसमस की पारंपरिक चहल-पहल को पीछे छोड़ दिया। महामंडलेश्वर श्री राम गोविंद दास महात्यागी जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और धार्मिक चेतना को मजबूत करना रहा। आठ दिवसीय अष्टोत्तर शत परायण श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तहत ईसाइयों के पर्व क्रिसमस के विकल्प के रूप में तुलसी व भागवत पूजन को विशेष रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इसे एक सामाजिक-सांस्कृतिक संदेश का स्वरूप दे दिया।

Tulsi-Bhagwat worship dims Christmas spirit in AGCR
भागवत महापुराण यज्ञ में तुलसी व भागवत पूजन।

भागवत महापुराण यज्ञ में तुलसी व भागवत पूजन
एजीसीआर एनक्लेव, कड़कड़डूमा कोर्ट के पास आयोजित इस महोत्सव में यज्ञाचार्य श्री शशिभूषण शास्त्री (अयोध्या धाम) ने विधिवत पूजन संपन्न कराया। संतों ने 25 दिसंबर को “तुलसी व भागवत पूजन दिवस” के रूप में प्रतिवर्ष मनाने का आह्वान किया।

हिंदू समाज को जागृत रहने की अपील
महामंडलेश्वर महात्यागी जी महाराज ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए समाज से संगठित रहने और अपनी संस्कृति को पहचानने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दूसरों की संस्कृति की नकल के बजाय अपने धार्मिक पर्वों और परंपराओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

स्कंद पुराण का उल्लेख
महाराज ने बताया कि स्कंद पुराण के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा होता है और नियमित गीता पाठ या श्रीमद् भागवत पूजन होता है, वहां नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव नहीं पड़ता।

सामाजिक संदेश और सहभागिता
समाजसेवी सुशील गुप्ता और विक्की आहूजा ने बताया कि इस आयोजन में लोगों की सक्रिय भागीदारी के चलते एजीसीआर में क्रिसमस की चमक फीकी पड़ गई। वरिष्ठ नागरिकों ने भी कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन नशा, आत्महत्या और अवांछनीय गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सहायक हो सकते हैं।

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