April 6, 2026

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन: नई शिक्षा नीति से विज्ञान और अनुसंधान में देश उन्नत होगा

The new education policy will advance the country in science and research Vice President CP Radhakrishnan

सोनीपत: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन राज्यपाल असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व अन्य

  • दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय का आठवां दीक्षांत समारोह 750 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की

सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आठवां दीक्षांत समारोह सोमवार को देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के साथ विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़कर देश की प्रगति में योगदान देना है। हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री डा. अरविंद शर्मा, भ्ज्ञाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडौली मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, अध्यापकों और अभिभावकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

The new education policy will advance the country in science and research Vice President CP Radhakrishnan
सोनीपत: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन राज्यपाल असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व अन्य।

समारोह के दौरान कुल 750 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। उपराष्ट्रपति ने मंच से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समारोह में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हरियाणा धर्मयुद्ध की धरती रही है और दीनबंधु छोटूराम के आदर्श आज भी समाज को प्रेरित कर रहे हैं। छोटूराम ने किसानों और ग्रामीण समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश के विकास में बड़ा योगदान दिया।

उपराष्ट्रपति ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्राओं को स्वर्ण पदक मिलना देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने हरियाणा में पिछले वर्षों में लिंगानुपात में सुधार को सराहनीय बताया और कहा कि यह समाज की सकारात्मक दिशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यहां से डिग्री लेकर निकलने वाले विद्यार्थियों का लक्ष्य देश को आगे बढ़ाना होना चाहिए और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बिना किसी भी विकसित राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है। नशे के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार और राष्ट्र को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज के लिए प्रेरणा बनने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने कठिन समय में वैक्सीन बनाकर विश्व को नई दिशा दी। देश के लोगों को नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई गई और अन्य देशों को भी सहायता दी गई। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हार और जीत जीवन का हिस्सा हैं। अनुशासन और निरंतर प्रयास से ही सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सत्य और धर्म की भूमि है, जहां मेहनत और साहस की परंपरा रही है। युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहिए। दूसरों से तुलना करने के बजाय उनसे सीखना सफलता की कुंजी है। समारोह के अंत में उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री की नीतियों की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह उत्साह और प्रेरणा के वातावरण में सम्पन्न हुआ।

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