कामयाबी के कदम: नेपाल में गूँजी गाजियाबाद की साहित्यिक प्रतिभा, पंडित मुल्क राज “आकाश” को ‘मातृभाषा रत्न’ सम्मान
कामयाबी के कदम : नेपाल में गूँजी गाजियाबाद की साहित्यिक प्रतिभा, पंडित मुल्क राज “आकाश” को ‘मातृभाषा रत्न’ सम्मान
गाजियाबाद, जीजेडी न्यूज। गाजियाबाद की पावन धरा पर जन्मे प्रख्यात साहित्यकार, कवि और गीतकार पंडित मुल्क राज “आकाश” को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। नेपाल की प्रतिष्ठित संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन, नेपाल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) के अवसर पर उन्हें “मातृभाषा रत्न” मानद उपाधि से सम्मानित करने के लिए चयनित किया गया।

यह सम्मान उन्हें मातृभाषा के संरक्षण, सर्वधर्म समभाव तथा साहित्यिक उत्थान में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। पंडित मुल्क राज “आकाश” एक कवि, लेखक, साहित्यकार और शिक्षक के रूप में लंबे समय से साहित्य की सेवा कर रहे हैं और उनकी यह उपलब्धि गाजियाबाद के लिए गर्व का विषय है।

पंडित मुल्क राज “आकाश” ने आध्यात्मिक साहित्य के क्षेत्र में अनेक गीत, कविताएँ और ग़ज़लें लिखकर साहित्य को समृद्ध किया है। उनकी रचनाओं में आध्यात्मिकता, सामाजिक संदेश और मानवीय मूल्यों की झलक देखने को मिलती है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी उन्हें नेपाल की एक साहित्यिक संस्था द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा नवंबर 2025 में अयोध्या की पावन नगरी में आयोजित एक भव्य कवि सम्मेलन में उन्हें “युवा कवि सम्मान” से अलंकृत किया गया था, जहाँ उन्हें मोमेंटो, अंगवस्त्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
पंडित मुल्क राज “आकाश” ने संत निरंकारी मिशन के मंच पर भी अनेक अवसरों पर काव्य पाठ कर श्रोताओं का दिल जीता है। इस दौरान उन्हें सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
नेपाल में मिले इस सम्मान की जानकारी शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन, नेपाल के अध्यक्ष आदरणीय आनंद गिरि मायालु जी द्वारा दी गई। साहित्य के क्षेत्र में पंडित मुल्क राज “आकाश” का योगदान निरंतर जारी है और वे अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से समाज को प्रेरित कर रहे हैं।
