सोनीपत: ब्रह्मांड की भाषा तर्क विश्लेषण समस्याओं के समाधान देती है: कुलगुरु
सोनीपत: राष्ट्रीय गणित दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह।
- -राष्ट्रीय गणित दिवस पर शोध नवाचार का संकल्प संदेश
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत जिले के दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा कि गणित केवल अंक और समीकरणों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि यह ब्रह्मांड की भाषा है, जो तर्क, विश्लेषण और जटिल समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, परिश्रम और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए शोध और नवाचार को विकसित भारत की आधारशिला बताया।
कुलगुरु ने महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जीवन से प्रेरणा लेने पर बल देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनके योगदान ने गणित को नई दिशा दी। संख्या सिद्धांत, अनंत श्रेणियों और सतत भिन्नों पर उनका कार्य आज भी शोध का प्रमुख आधार बना हुआ है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश गणितज्ञ हार्डी के साथ उनका सहयोग गणित के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है और उनके शोध का प्रभाव आज कूटलेखन, संगणक विज्ञान, स्ट्रिंग सिद्धांत और ब्लैक होल भौतिकी तक देखा जा सकता है। प्रसिद्ध संख्या 1729 को गणितीय सृजनशीलता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने ज्ञान की असीम संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रो. अशोक अग्रवाल ने कहा कि रामानुजन के सिद्धांतों ने आधुनिक विज्ञान को नई दिशा दी है। उनके कई सूत्र बाद में सिद्ध हुए, जो उनकी अद्वितीय प्रतिभा का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि संख्या विभाजन पर उनका कार्य आज भी गणितीय अनुसंधान का आधार स्तंभ है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय में शोधोन्मुखी वातावरण तैयार करने और विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने का संकल्प लिया गया। साथ ही पोस्टर निर्माण, प्रश्नोत्तरी और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
