मंत्री डॉ अरविंद शर्मा: महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों पर चला देश
सोनीपत: महात्मा ज्योतिबा फुले कार्यक्रम में मंत्री डॉ अरविंद शर्मा संबोधित करते हुए।
- नैतिक साहस, आत्मचिंतन और समाजहित के प्रतीक महात्मा ज्योतिबा फुले
सोनीपत, अजीत कुमार। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्मचिंतन और समाज हित के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्हांेने फुले ने संस्थाओं और जनआंदोलनों के माध्यम से समाज में जागरूकता का दीप जलाया और शिक्षा को सभी तक पहुँचाने का सम्मानजनक अभियान चलाया।
शनिवार को खानपुर मोड़ स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले चौक पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अरविंद शर्मा और उनकी पत्नी डॉ रीटा शर्मा ने महात्मा ज्योतिबा फुले तथा प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि फुले का जन्म साधारण परिवार में हुआ, लेकिन शुरुआती कठिनाइयों ने उनके साहस और शिक्षा के संकल्प को कमजोर नहीं किया। उन्होंने जीवनभर यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद ज्ञान अर्जित कर समाज की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि फुले का स्पष्ट विचार था कि ज्ञान किसी एक वर्ग की संपत्ति नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का अधिकार है। इसी सोच के साथ उन्होंने उस दौर में लड़कियों और वंचित वर्गों के लिए विद्यालय खोलने का साहसिक कदम उठाया, जब समाज का बड़ा हिस्सा शिक्षा से वंचित था। यह पहल सामाजिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हुई।
डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि आज देश में शिक्षा और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में व्यापक प्रयास हो रहे हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसमें युवा प्रश्न पूछने, नई चीजें सीखने और अनुसंधान के लिए प्रेरित हों। फुले का जीवन आज भी समाज को शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने चौक के सौंदर्यीकरण के लिए अपने स्वैच्छिक कोष से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
