सोनीपत: सीएमओ के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान, नोटिस जारी
सोनीपत: सीएमओ दूसरी ओर देवेंद्र गौतम दोनों फाइल फोटो।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत शहर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के खिलाफ सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर चलाए जा रहे कथित अभियान को लेकर विवाद गहरा गया है। सीएमओ की ओर से पूर्व आम आदमी पार्टी नेता देवेन्द्र गौतम के खिलाफ मानहानि, साइबर अपराध, मॉर्फिंग और आपराधिक धमकी के आरोपों में कानूनी नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने झूठे और भ्रामक आरोप लगाकर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी की छवि खराब करने का प्रयास किया। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर सरकारी तंत्र पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। सीएमओ को एक अनुभवी चिकित्सा अधिकारी बताते हुए कहा गया कि उन्होंने वर्षों तक ईमानदारी और उच्च नैतिक मूल्यों के साथ सेवाएं दी हैं, लेकिन दुर्भावनापूर्ण अभियान से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हुआ।
नोटिस के अनुसार दवाइयों की खरीद से जुड़े टेंडर पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के तहत जारी किए गए थे। एक टेंडर 13 अक्तूबर 2025 को जारी हुआ, जिसमें चार कंपनियों ने भाग लिया और तकनीकी जांच के बाद तीन कंपनियों को 12 नवम्बर 2025 को टेंडर दिया गया। इसी प्रकार टीबी विभाग का दूसरा टेंडर 12 सितम्बर 2025 को जारी हुआ, जिसमें तीन कंपनियों ने भाग लिया और प्रक्रिया अनुसार योग्य फर्मों को कार्य सौंपा गया।
सीएमओ की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर मॉर्फ की गई तस्वीरें और आपत्तिजनक पोस्ट साझा कीं। इन तस्वीरों में सीएमओ की छवि के साथ भ्रामक प्रतीक जोड़कर बदनाम करने का प्रयास किया गया। इसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का उल्लंघन बताया गया है। नोटिस में कहा गया कि पोस्ट और पोस्टरों में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर महिला अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई, जो भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध है। यूट्यूब पर डाले गए एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया, जिसमें बिना साक्ष्य के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए।
नोटिस के माध्यम से आरोपी को चेतावनी दी गई है कि वह ऐसी गतिविधियां तुरंत बंद करे, अन्यथा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई है।
