February 11, 2026

सोनीपत: कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी

Sonipat: Safety of women at workplace is the collective responsibility of all departments

सोनीपत: महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम में नगराधीश डॉ अनमोल संबोधित करते, उपस्थित विभागीय अधिकारी।

सोनीपत, अजीत कुमार। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से लघु सचिवालय में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न, रोकथाम, निषेध एवं निवारण  अधिनियम, 2013 को लेकर जिला स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगराधीश डॉ अनमोल ने किया।

नगराधीश डॉ अनमोल ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण बनाना किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिनियम की जानकारी केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि उसे व्यवहार में लागू किया जाए, ताकि महिला कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञ ने महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल की अवधारणा, शिकायत निवारण की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका, विभागीय दायित्व और अधिनियम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है और अधिनियम के अंतर्गत दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण देने के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विभाग में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है तथा किसी भी शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की असहजता की स्थिति में बिना भय के शिकायत दर्ज कराएं।

महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी प्रवीन कुमारी ने शी बॉक्स पोर्टल की जानकारी देते हुए बताया कि जिले की सभी आंतरिक शिकायत समितियों और स्थानीय शिकायत समिति का विवरण पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही त्रैमासिक और वार्षिक रिपोर्ट भी नियमित रूप से अपलोड की जाती हैं।

कार्यक्रम में जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों की आंतरिक शिकायत समितियों के सदस्य, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला थाना और अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।

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