सोनीपत: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के अनाज मंडी दौरे में किसानों के मुद्दे और धक्का-मुक्की
सोनीपत: नई अनाज मंडी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र गेहूं खरीद का जायजा लेते हुए।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत की नई अनाज मंडी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र किसानों के बीच बुधवार को पहुंचे और खरीद व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उनके आगमन पर जिला ग्रामीण अध्यक्ष संजीव दहिया और शहरी अध्यक्ष कमल दीवान ने स्वागत किया। इस दौरान अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक, पूर्व विधायक जगबीर मलिक, पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार, विधायक जयवीर वाल्मीकि, राजेश पहलवान पुरखासिया और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष ने मंडी में मौजूद किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
दौरे के दौरान किसानों ने खरीद में देरी, भुगतान लंबित रहने और फसल उठान में लापरवाही की शिकायतें रखीं। मंडी सचिव ने बारिश के कारण अनाज भीगने और नमी अधिक होने की वजह से खरीद प्रभावित होने की बात कही। इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने मौके पर निरीक्षण कर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और किसानों को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई।
इसी बीच कार्यक्रम के दौरान स्वागत के समय प्रदेश अध्यक्ष को आढ़ती की दुकान के सामने बड़ी माला पहनाई जा रही थी। उसी दौरान महिला कार्यकारिणी की प्रदेश उपाध्यक्ष नीलम बाल्यान माला के बीच खड़ी थीं। एक महिला कार्यकर्ता फोटो खिंचवाने के लिए माला के अंदर पहुंची तो उसे धक्का देकर बाहर कर दिया और डांटते हुए हटाया गया। बाद में वह कार्यकर्ता दोबारा माला के अंदर जाकर फोटो खिंचवाने में सफल रही। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया। मंडी में कई बार फोटो सत्र को लेकर भी हलचल दिखाई दी।
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश की मंडियों में गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सही ढंग से नहीं हो रही। उनका कहना था कि किसान मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने को विवश हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि हालात नहीं सुधरे तो किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। बताया गया कि अनुशासन समिति की रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी को भेजी जा चुकी है और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दबाव और प्रलोभन की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। कांग्रेस ने किसानों के मुद्दों और राजनीतिक घटनाक्रम दोनों पर सरकार को घेरते हुए संगठन को एकजुट बताया।
