March 25, 2026

सोनीपत: जमीन अधग्रहण के विरोध 18 घंटे से टावर पर डटा किसान

Sonipat Farmer stands on tower for 18 hours in protest against land acquisition

सोनीपत: स्कूल संचालिका सोमिल जानकारी देते हुए।

  • किसान का फोन बंद होने से संपर्क टूटा, जमीन के बदले जमीन मांगी
  • मांग नहीं मानी तो ऊपीर से कूदकर जान देने की धमकी
  • गांव में देर रात बैठक कर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया

सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत में जमीन विवाद को लेकर टावर पर चढ़े किसान का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा। गांव असावरपुर का 48 वर्षीय किसान मंगलवार दोपहर से 250 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा है और करीब 18 घंटे से अधिक समय से बिना भोजन-पानी के अनशन पर डटा हुआ है। यह खबर पहले दिन की घटना के बाद का फॉलोअप है, जिसमें स्थिति और अधिक तनावपूर्ण होती नज़र आ रही है।

किसान अपनी मांग पर अड़ा है कि जब तक उसे जमीन के बदले दूसरी जगह जमीन नहीं दी जाती, वह नीचे नहीं उतरेगा। परिवार और ग्रामीण भी उसके समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। किसान अपने साथ मोबाइल फोन लेकर टावर पर चढ़ा था, लेकिन अब उसका फोन बंद हो चुका है, जिससे संपर्क भी टूट गया है।

घटना के दौरान किसान ने टावर से कूदकर जान देने की चेतावनी दी, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। प्रशासन और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई रोककर उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद ग्रामीणों ने किसान के समर्थन में धरना शुरू करने की तैयारी कर ली है।

जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-44 के पास अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन बुलडोजर लेकर पहुंचा था। इसी दौरान किसान विरोध स्वरूप टावर पर चढ़ गया। जिस मकान पर कार्रवाई की जा रही थी, वहां नीचे एक स्कूल भी संचालित हो रहा था, स्कूल संचालिका सोमिल ने बताया कि इसमें 150 बच्चे पढ़ते हैं। कार्रवाई के दौरान एक कमरा तोड़े जाने से गांव में तनाव बढ़ गया। परिवार का कहना है कि वे 1962 से इस जमीन पर रह रहे हैं और यह उनकी पुश्तैनी संपत्ति है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी जमीन बता रहा है। वर्ष 2006 में जमीन का अधिग्रहण किया गया था और कोर्ट में भी मामला कई बार खारिज हो चुका है। इसके बावजूद ग्रामीण मौजूदा बाजार दर के अनुसार मुआवजा या जमीन के बदले जमीन की मांग पर अड़े हुए हैं। गांव में देर रात बैठक कर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया है और टेंट लगाकर धरना शुरू करने की तैयारी चल रही है।

About The Author