सोनीपत: सामुदायिक मध्यस्थता से प्लाट विवाद सुलझा, सौहार्द बहाल हुआ
सोनीपत: सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र में समझौते के बाद दोनों पार्टी।
सोनीपत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संचालित सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से प्लाट से जुड़े एक विवाद का सफल और शांतिपूर्ण समाधान किया गया। बुधवार को यह समाधान आपसी संवाद, समझ और सहमति के आधार पर सामुदायिक मध्यस्थता प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ।
मामला खरखौदा तहसील क्षेत्र के मटिंडू गांव से संबंधित था, जहां 152 गज के एक प्लाट की चारदीवारी निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था। चारदीवारी के सीमांकन और निर्माण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बढ़ने से आपसी संबंधों में तनाव की स्थिति बन गई थी। विवाद की गंभीरता को देखते हुए मामला सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र महलाना में प्रस्तुत किया गया।
मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षित मध्यस्थों ने दोनों पक्षों के साथ संयुक्त तथा अलग-अलग बैठकों का आयोजन किया। सभी पक्षों की बातें शांतिपूर्ण वातावरण में सुनी गईं और विवाद के मूल कारण को समझते हुए आपसी सहमति की दिशा में प्रयास किए गए। गांव में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने और समय व धन की बचत पर विशेष जोर दिया गया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 6 जनवरी को दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हुआ। समझौते के तहत प्लाट की चारदीवारी के निर्माण पर किसी भी प्रकार की आपत्ति नहीं रहने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में दीवार निर्माण या इससे जुड़े किसी विषय पर कोई अवरोध उत्पन्न नहीं किया जाएगा।
इस सफल मध्यस्थता से न केवल विवाद का समाधान हुआ, बल्कि दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों की पुनर्स्थापना भी हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसे सामुदायिक मध्यस्थता की प्रभावशीलता का उदाहरण बताते हुए आमजन से अपील की कि पारिवारिक, सामाजिक और छोटे कानूनी विवादों के समाधान के लिए इस व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करें।
