सोनीपत: टीबी मरीजों की पोषण राशि गबन मामला, केस दर्ज करने की मांग
सोनीपत: सामान्य अस्पताल का फाइल फोटो।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत जिले में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों को दी जाने वाली पोषण सहायता राशि में कथित गबन का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार मरीजों के लिए जारी की गई राशि नियमों के विपरीत निजी बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई। यह मामला तब उजागर हुआ जब विभागीय लेखा जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। अब इस प्रकरण की जांच के लिए सिविल सर्जन कार्यालय ने एक कमेटी गठित की है, जो पांच मार्च जिला प्रशिक्षण कार्यालय में सुनवाई की गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजोँ को मिलने वाली राशि 44 मरीजों के नाम पर जारी कराई गई। आरोप है कि संबंधित टीबी सुपरवाइजर ने विभाग से लगभग 84 हजार रुपये यह कहकर जारी कराए कि मरीज बाहर गए हुए हैं और उनकी सहमति से राशि अस्थायी रूप से अन्य खातों में डाली जा रही है।
शिकायत में कहा गया है कि जारी की गई सरकारी राशि निजी परिचितोँ तथा परिवार से जुड़े खातोँ में स्थानांतरित कराई गई। बाद में जब विभागीय लेखा जांच हुई तो यह अनियमितता सामने आई। इसके बाद उक्त राशि विभागीय खाते में वापस जमा करा दी गई। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह धनराशि किसी भी पात्र मरीज को वितरित नहीँ की गई, जिससे सरकारी योजना के धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा हो गई।
मामले में विभाग द्वारा चेतावनी और एक वेतन वृद्धि रोकने की सजा देकर प्रकरण को समाप्त किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह गंभीर गबन और भ्रष्टाचार का मामला है, जिसे मामूली दंड देकर निपटाना उचित नहीं है। शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
इसके अलावा एक आशा कार्यकर्ता के दो बैंक खातोँ की भी जांच कराने की मांग की गई है, ताकि धनराशि के लेन-देन की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके। अब सिविल सर्जन द्वारा गठित जांच कमेटी की सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि मामले को विभागीय चूक माना जाएगा या आपराधिक गबन के रूप में आगे कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
