March 17, 2026

सोनीपत: प्रोजेक्ट अक्षर से कथूरा ब्लाॅक में शिक्षा को नई दिशा

Sonepat: Project Akshar gives new direction to education in Kathura block

सोनीपत: प्रोजेक्ट अक्षर अभियान को आरंभ करते हुए।

सोनीपत, अजीत कुमार। जिला प्रशासन सोनीपत द्वारा सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रोजेक्ट अक्षर अभियान मंगलवार को शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ने, समझने और गणित की आधारभूत दक्षता विकसित करना है, ताकि प्रारंभिक कक्षाओं में ही मजबूत नींव तैयार हो सके।

उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि यह अभियान निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत बालवाटिका से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने और गणित में दक्ष बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के लिए कथूरा ब्लाॅक को पायलट के रूप में चुना गया, जहां 24 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में इसे लागू किया गया।

अभियान के तहत दो व तीन फरवरी को कक्षा दो के 246 विद्यार्थियों का विस्तृत आकलन किया गया। एक महीना पहले ही स्कूलों को सूचित कर दिया गया था। विद्यार्थियों का एक-एक करके मूल्यांकन किया गया और मोबाइल, टैबलेट व डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह किया गया। इस कार्य में सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन का सहयोग लिया गया, जबकि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सोनीपत के 15 असेसरों की टीम ने मूल्यांकन किया।

पहले आंकलन में केवल 21 प्रतिशत विद्यार्थी गणित व अंग्रेजी में निपुण पाए गए। इसके बाद शिक्षकों ने विशेष गतिविधियां और अतिरिक्त अभ्यास सत्र चलाए। क्लोज-लूप लर्निंग मॉडल के तहत पहले मूल्यांकन, फिर कमजोरियों की पहचान और उसके बाद पुनः आंकलन किया गया। नौ व 10 मार्च को हुए दूसरे आंकलन में 63 प्रतिशत विद्यार्थी निपुण पाए गए। अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित गर्ग के समक्ष एसीयूटी योगेश दिल्हौर और जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने प्रस्तुति दी, जिस पर उन्होंने कार्य की सराहना करते हुए अन्य स्कूलों में भी इसे लागू करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त सुशील सारवान ने मंगलवार को बताया कि लक्ष्य कक्षा दो के कम से कम 75 प्रतिशत विद्यार्थियों को निपुण बनाना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है। आने वाले समय में पुनः मूल्यांकन कर कथूरा ब्लाॅक को पूर्ण निपुण ब्लाॅक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की गई।

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