डा.सुमन मंजरी: बेटियों को शिक्षित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना सुरक्षित वातावरण देना जरुरी
सोनीपत: पूर्ण मूर्ति कॉलेज ऑफ लॉ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डा.सुमन मंजरी को सम्मनित करती मूर्ति देवी।
सोनीपत, अजीत कुमार। किशोर न्याय बोर्ड सोनीपत की जूरी सदस्य डॉ. सुमन मंजरी ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना आवश्यक है। ताकि वे बिना भय और दबाव के अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें। वे कामी रोड स्थित पूर्ण मूर्ति कॉलेज ऑफ लॉ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार कोबतौर मुख्य अतिथि संबोधित कररही थी।
मुख्य अतिथि डॉ. सुमन मंजरी ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को महिलाओं की उपलब्धियों के सम्मान और लैंगिक समानता के संकल्प के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं सेना, विज्ञान, खेल, राजनीति, प्रशासन और व्यापार सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर रही हैं। इसके बावजूद समाज में महिलाओं को हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक उपेक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है। पूर्ण मूर्ति विद्यापीठ के चेयरमैन डा. विजयपाल नैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान और उच्च स्थान प्राप्त रहा है। देवी सरस्वती, देवी लक्ष्मी और मां दुर्गा के रूप में नारी को ज्ञान, समृद्धि और शक्ति का प्रतीक माना गया है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुले हैं। चंद्रयान-3 की सफलता में अनेक महिला वैज्ञानिकों और अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में छात्राओं और महिला प्राध्यापिकाओं के लिए गीत-संगीत, कविता पाठ और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा सभी ने महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प दोहराया।
