सतकुंभा उत्सव 2026: सतकुम्भा उत्सव धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति का केंद्र है: पीठाधीश्वर राजेश स्वरुप
सतकुम्भा उत्सव धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति का केंद्र है: पीठाधीश्वर राजेश स्वरुप
सोनीपत, अजीत कुमार। गन्नौर स्थित सिद्धपीठ सतकुम्भा तीर्थ में शनिवार को मुख्य रुद्र महायज्ञ और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा अर्चना की है। यह सतकुम्भा उत्सव धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति का केंद्र बना हुआ है। आने वाले श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का संकल्प लिया।
पीठाधीश्वर राजेश स्वरूप ने कहा कि सतकुम्भा की पावन धरा से विगत 10–11 वर्षों से यह उत्सव निरंतर आयोजित हो रहा है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु हवन में आहुति देकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सतकुम्भा धाम आज देश ही नहीं, विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और यह मंच आध्यात्मिक व सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का माध्यम बन रहा है।
महायज्ञ के उपरांत लगभग तीन घंटे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। हरियाणा कला परिषद के रोहतक मंडल से मुकेश दल ने धर्म, अध्यात्म, शिव स्तुति तथा हरियाणवी संस्कृति और सभ्यता पर आधारित प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कलाकारों ने पूरे समर्पण और उत्साह के साथ अपनी प्रस्तुति दी।
वेदाचार्यों आचार्य श्रीकांत रतूरी, आचार्य शिवम कौशिक और आचार्य संदीप ने वैदिक ऋचाओं का उच्चारण करते हुए हवन यज्ञ संपन्न कराया। मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
पीठाधीश्वर ने कहा कि सतकुम्भा धाम श्रद्धालुओं को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपसी सहयोग से यह उत्सव निरंतर भव्य स्वरूप ले रहा है। आने वाले हजारों श्रद्धालुआें के लिए भंडारे की सेवा की गई। लज्जा राम संस्कृत महाविद्यालय, सतकुम्भा संस्कृति महाविद्यालय, बीआर ग्लोबल स्कूल अहीरमाजरा
लार्ड गणेशा पब्लिक स्कूल खेड़ी गुज्जर, सत्कुम्भा स्कूल खेड़ी गुज्जर विभिन्न शक्षा संस्थानों के छात्र अध्यपकों ने हवन में आहुति दी। मंजीत यादव, समसेर यादव, राजू यादव, सहरपाल खेड़ी गुज्जर आदि ने अपनी सेवाएं दी।
कैमरे की नजर में सतकुंभा उत्सव







