February 22, 2026

वीर बाल दिवस पर विद्यालय में सैंड आर्ट शो आयोजन

Sand art show organised in school on Veer Bal Diwas

सोनीपत: जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया कार्यक्रम शुभारंभ अवसर पर साथ में डीआईपीआरओ राकेश गौतम

  • 300 विद्यार्थियों ने साहिबजादों की शहादत पर निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभागिता की

सोनीपतहरियाणा सरकार की पहल पर श्री गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से वीर बाल दिवस के अवसर पर शनिवार को सैंड आर्ट शो और जिला स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में गांव अकबरपुर बारोटा स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भव्य सैंड आर्ट शो का आयोजन किया गया।

एनएसबी प्रोडक्शन के कलाकारों ने रेत कला के माध्यम से चार साहिबजादों की शहादत का सजीव और भावनात्मक चित्रण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सरकारी विद्यालयों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभागिता की। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, शिक्षा विभाग तथा हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साहिबजादों की वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने किया। इस अवसर पर देश प्रसिद्ध सैंड आर्ट कलाकार सर्वम पटेल ने साहिबजादा अजीत सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह के शौर्य और बलिदान की गाथा को प्रस्तुत किया।

Sand art show organised in school on Veer Bal Diwas
सोनीपत: जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया कार्यक्रम शुभारंभ अवसर पर साथ में डीआईपीआरओ राकेश गौतम

मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चारों साहिबजादों का सर्वोच्च बलिदान आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सत्य, साहस, त्याग और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राकेश गौतम ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से साहिबजादों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

सैंड आर्ट शो में खालसा पंथ की स्थापना, मुगल सेना से संघर्ष, आनंदपुर साहिब का किला छोड़ना, सरसा नदी पर परिवार का बिछुड़ना तथा माता गुजरी और छोटे साहिबजादों की गिरफ्तारी जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों का मार्मिक चित्रण किया गया। सात और पांच वर्ष की आयु में साहिबजादों की अडिग आस्था और बलिदान ने सभी उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में डीएसएस सुरेन्द्र सिंह, विद्यालय प्रधानाचार्य भारती, अध्यापकगण, विद्यार्थी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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