प्रो. मनोज कुमार कैन का पालम स्कूल दौरा: 1952 में स्थापित विद्यालय की गौरवशाली विरासत; नई शिक्षा नीति पर गहन मंथन
प्रो. मनोज कुमार कैन का पालम स्कूल दौरा।
नई दिल्ली, अजीत कुमार। दिल्ली विश्वविद्यालय के साहित्यकार और शिक्षाविद प्रो. मनोज कुमार कैन ने हाल ही में पालम, दिल्ली कैंट स्थित वायु सेना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पालम का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार और शिक्षकगणों के साथ शैक्षणिक विषयों, नई शिक्षा नीति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विस्तृत चर्चा की।

विद्यालय परिसर पहुंचने पर प्राचार्य अशोक कुमार ने उनका स्वागत किया और संस्थान के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विद्यालय की स्थापना वर्ष 1952 में हुई थी। इसकी ऐतिहासिक महत्ता का प्रमाण यह है कि 10 फरवरी 1959 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने यहां का दौरा किया था। विद्यालय की डायरी में उनके हस्ताक्षर और “प्रसन्न हुआ” शब्द आज भी सुरक्षित हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और दशकों पुराने विशाल वृक्षों से आच्छादित यह परिसर विद्यार्थियों को शांत एवं प्रेरक वातावरण प्रदान करता है।

संवाद सत्र के दौरान प्रो. कैन ने नई शिक्षा नीति (NEP) और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा तक सीमित न होकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल और नैतिक मूल्यों के विकास से जुड़ा होना चाहिए। शिक्षकों मनीषा राय, राखी कुमार और हामिदा ने भी विद्यालय की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

प्राचार्य अशोक कुमार ने कहा कि विद्यालय का लक्ष्य प्रत्येक विद्यार्थी को जिम्मेदार नागरिक बनाना है, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकें। वर्तमान में विद्यालय कला, वाणिज्य और विज्ञान संकायों में शिक्षा प्रदान कर रहा है। यह भेंट अकादमिक और स्कूली शिक्षा के समन्वय की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुई।
