January 7, 2026

निरंकारी मिशन: माता सुदीक्षा जी की गाड़ी को टक्कर मामले में बड़ा खुलासा: स्कॉर्पियो चालक की पहचान, CIA जांच में जुटी

Nirankari Mission: The Scorpio driver who hit Mata Sudiksha Ji Maharaj's car has been identified; he turned out to be a young man from Sonipat.

सुदीक्षा जी महाराज की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले में स्कॉर्पियो ड्राइवर की पहचान हुई है। स्कॉर्पियो ड्राइवर सोनीपत का रहने वाला है।

सोनीपत। सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 स्थित मुरथल फ्लाईओवर पर संत निरंकारी मिशन की आध्यात्मिक प्रमुख माता सुदीक्षा जी महाराज की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। घटना में शामिल काली स्कॉर्पियो-एन चालक की पहचान कर ली गई है। पुलिस के अनुसार चालक सोनीपत का रहने वाला है और घटना के समय अपने परिवार को मुरथल के प्रसिद्ध ढाबे पर खाना खिलाने ले जा रहा था। वाहन और चालक की पहचान होने के बाद अब मामले की जांच सीआईए टीम को सौंप दी गई है। पहले इस घटना को जानबूझकर टक्कर मारने से जोड़कर देखा जा रहा था, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। हालांकि शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।

कैसे हुआ एक्सीडेंट
संत निरंकारी मंडल के मुख्य सुरक्षा अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) हरविंद्र सिंह गुलेरिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 1 जनवरी 2026 की रात करीब 9:45 बजे माता सुदीक्षा जी महाराज दिल्ली से भक्ति निवास समालखा, पानीपत के लिए रवाना हुई थीं। रात लगभग 10:13 बजे जब उनका काफिला मुरथल फ्लाईओवर पर पहुंचा, तभी पीछे से आ रही काले रंग की स्कॉर्पियो-एन गाड़ी ने उनकी गाड़ी के बाएं हिस्से में टक्कर मार दी।

टक्कर से वाहन क्षतिग्रस्त, माता जी को लगा झटका
इस टक्कर में माता सुदीक्षा जी महाराज की गाड़ी का बायां हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। गाड़ी के अंदर बैठे लोगों को भी तेज झटका लगा, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

जानबूझकर टक्कर का लगा था आरोप
शिकायत में शुरुआत में आरोप लगाया गया था कि स्कॉर्पियो चालक ने जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की नीयत से टक्कर मारी। उस समय वाहन का पूरा नंबर नोट नहीं हो सका था, केवल इतना पता चला था कि गाड़ी काले रंग की स्कॉर्पियो-एन थी और नंबर की शुरुआत HR से हो रही थी। इसी आधार पर थाना मुरथल में 3 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 125 और 324(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस जांच में हुआ चालक का खुलासा
पुलिस जांच के दौरान स्कॉर्पियो चालक की पहचान सुमित के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सुमित सोनीपत के आईटीआई चौक क्षेत्र के आसपास रहता है और पेशे से प्राइवेट टीचर है। पूछताछ में उसने बताया कि वह घटना वाले दिन अपने परिवार को मुरथल स्थित सुखदेव ढाबे पर खाना खिलाने ले जा रहा था। इसी दौरान हाईवे पर चलते समय उसकी गाड़ी माता सुदीक्षा जी महाराज के काफिले में शामिल वाहन से टकरा गई।

फरार होने के आरोप से पुलिस का इनकार
पुलिस का कहना है कि सुमित ने खुद को फरार होने के आरोपों से इनकार किया है। उसके अनुसार टक्कर के बाद वह आगे निकल गया था और उसे तत्काल यह अंदेशा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा। बाद में शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने उसे चिन्हित कर जांच शुरू की।

CIA कर रही गहन जांच

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए अब सीआईए टीम भी पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के सामने आने के बाद संत निरंकारी मिशन से जुड़े श्रद्धालुओं और आम नागरिकों में माता सुदीक्षा जी महाराज की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की मांग कर रहे हैं।

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