मंत्री डॉ अरविंद शर्मा: हनुमान शक्ति, भक्ति, सेवा समर्पण के पर्याय हैं
सोनीपत: जुआं में पर्यटन मन्त्री डॉ अरविन्द शर्मा का स्वागत करते हुए आयोजक।
सोनीपत, अजीत कुमार। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मन्त्री डॉ अरविन्द शर्मा ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति, सेवा और समर्पण के पर्याय हैं। सदियों से उनकी कर्तव्यनिष्ठा समाज को प्रेरित करती रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हनुमान के आदर्शों को अपने जीवन और दिनचर्या में अपनाएं तथा समाज सेवा को प्राथमिकता दें।
वीरवार को हनुमान जयंती के अवसर पर मन्त्री गोहाना विधानसभा क्षेत्र के गांव जुआं पहुंचे, जहां महादेव मन्दिर ट्रस्ट द्वारा प्राचीन शिव मन्दिर में मूर्ति स्थापना कार्यक्रम आयोजित किया गया। मन्त्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शान्ति की कामना की। इसके उपरान्त वे गाँव माहरा के प्राचीन हनुमान मन्दिर में आयोजित भण्डारे में पहुँचे और श्रद्धालुओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
सभा को सम्बोधित करते हुए मन्त्री ने कहा कि हनुमान का जीवन समर्पण, साहस और परिश्रम का सर्वोत्तम उदाहरण है। उनका चरित्र हमें सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र और समाज की सेवा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। ऐसे पर्वों के माध्यम से हमारी संस्कृति और परम्पराएं सुरक्षित रहती हैं तथा नई पीढ़ी को उनके महत्व का ज्ञान मिलता है। मन्त्री ने लोगों से कमजोर वर्गों की सेवा के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा और सहयोग से ही समाज सुदृढ़ बनता है और देश प्रगति करता है। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में मन्दिर ट्रस्ट के पुजारी ईश्वरानन्द, मन्दिर कमेटी प्रधान राजीव गोयल, उपप्रधान महेन्दर, महासचिव सुनील छिक्कारा, कोषाध्यक्ष दिलावर, सचिव प्रवीण कुमार, प्रताप, सरपञ्च सुरेन्द्र, सुशील देवी, मण्डल अध्यक्ष विनोद, भगत अनिल, मास्टर सुरेन्द्र शर्मा, धर्म सिंह, जसबीर, ओम सिंह, सुनील भारद्वाज, आनन्द पुजारी और रामनारायण भारद्वाज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
भाजपा नेता देवेंद्र कौशिक ने ग्राम अगवानपुर स्थित बालाजी धाम में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि धार्मिक आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। अंत में क्षेत्र की समृद्धि और कल्याण की कामना की गई।
