February 11, 2026

ममता कुलकर्णी: किन्नर अखाड़े से महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी बाहर, विवादों के बाद तोड़ा गया नाता

Mahamandaleshwar Mamta Kulkarni expelled from Kinnar Akhara, ties severed after controversy

ममता कुलकर्णी को 23 जनवरी, 2025 को प्रयागराज के महाकुंभ में किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था।

नई दिल्ली, अजीत कुमार। किन्नर अखाड़े में लंबे समय से चल रहे विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया। अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता कुलकर्णी को अखाड़े से बाहर किए जाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ममता कुलकर्णी का किन्नर अखाड़े से कोई संबंध नहीं है।

अखाड़े की बैठक में लिया गया फैसला
महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि ममता कुलकर्णी अब न तो अखाड़े की अधिकारी हैं और न ही सदस्य। अखाड़ा किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहता, इसलिए यह कठोर फैसला लेना पड़ा।

मौनी अमावस्या की घटना से नाराजगी
डॉ. त्रिपाठी ने मौनी अमावस्या के दिन बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई मारपीट की घटना पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिखा पकड़कर पीटे जाने की घटना से अखाड़ा भी आहत है और ऐसी घटनाएं संत समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।

शंकराचार्य विवाद से बढ़ी बात
25 जनवरी को ममता कुलकर्णी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कई महामंडलेश्वरों को “झूठा” और “ज्ञान शून्य” बताया था और सवाल उठाए थे कि शंकराचार्य की नियुक्ति किसने की तथा भीड़ में पालकी लेकर निकलने की क्या आवश्यकता थी। इन्हीं बयानों के बाद विवाद और गहरा गया।

टीना मां का तीखा रुख
ममता को अखाड़े से निकाले जाने के तीन घंटे के भीतर सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी उर्फ टीना मां ने भी बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही ममता कुलकर्णी का विरोध कर रही थीं और अब उस अखाड़े में कभी वापस नहीं जाएंगी। टीना मां ने नवंबर 2025 में नए सनातनी किन्नर अखाड़े की स्थापना की थी।

ममता के आरोप और राजनीतिक बयान
ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया था कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की वजह से उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से गोहत्या रोकने पर सवाल पूछे थे और धर्म को राजनीति से दूर रखने की बात कही थी।
वहीं, उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि फिलहाल देश में उनका कोई विकल्प नहीं दिखता।

महाकुंभ से शुरू हुआ विवाद
ममता कुलकर्णी 23 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ पहुंचीं थीं, जहां मुलाकातों के बाद उन्हें किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया। इसका कई संतों ने विरोध किया था। बाद में ममता ने पद छोड़ा, फिर वापस लिया और अंततः विवाद बढ़ता चला गया।

फिल्मी करियर और पुराना विवाद
बॉलीवुड में अपने करियर के दौरान भी ममता कुलकर्णी कई विवादों में रहीं। 1993 के टॉपलेस फोटोशूट से लेकर अंडरवर्ल्ड से जुड़े आरोपों तक, उनका नाम अक्सर सुर्खियों में रहा। बाद में उन्होंने फिल्मी दुनिया छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपनाने का दावा किया।

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