मंत्री डॉ अरविंद शर्मा: संस्कृति संरक्षण का संदेश देती कलश यात्रा निकाली
सोनीपत: कलश यात्रा निकालती महिलाएं।
सोनीपत। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा की धर्मपत्नी रीटा शर्मा ने कहा कि भारत की संस्कृति मानवता को दिशा देने वाली है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मन को शुद्ध करता है, जीवन को मर्यादा में बांधता है और व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करता है। युवाओं में धार्मिक संस्कारों का संचार आवश्यक है, जिससे उनमें धैर्य, सहिष्णुता और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विकसित हो।
रविवार को रीटा शर्मा गोहाना शहर के मुख्य बाजार स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर पहुंचीं। मंदिर में मूर्ति स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथामृत में उन्होंने सहभागिता की। कार्यक्रम में जूना अखाड़ा से जुड़े कथावाचक की उपस्थिति में वृंदावन निवासी कथाव्यास राजन कृष्ण शास्त्री ने भागवत पाठ किया। कथा के दौरान भक्ति, कर्म और ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
रीटा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भागवत कथा भगवान कृष्ण के जीवन मूल्यों का सार प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि कलियुग की नकारात्मक प्रवृत्तियों से बचने के लिए हरिनाम संकीर्तन और भागवत श्रवण सरल और प्रभावी मार्ग है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत विश्व के लिए मार्गदर्शक रही है, इसलिए नई पीढ़ी को धर्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
श्रद्धालुओं के आग्रह पर रीटा शर्मा ने भजन प्रस्तुत किए। इसके पश्चात उन्होंने महिलाओं के साथ कलश यात्रा में भाग लिया और धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा पूर्ण की। कार्यक्रम में मंदिर समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
