वैज्ञानिक अशोक कुमार: इसरो की उपलब्धियों से विश्व में भारत का मान बढा है
सोनीपत: इसरो के वैज्ञानिक अशोक कुमार को सम्मानित करते चेयरमैन डा.विजयपाल नैन।
सोनीपत, अजीत कुमार। स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, इसरो, अहमदाबाद के डिविजनल हेड वैज्ञानिक अशोक कुमार सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों के माध्यम से विश्व स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। विज्ञान के क्षेत्र में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा भारत आज वैश्विक मंच पर आकर्षण का केंद्र बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इसरो निरंतर नए अंतरिक्ष कार्यक्रमों को गति दे रहा है।
अशोक कुमार सिंह पूर्ण मूर्ति विद्यापीठ, कामी रोड में आयोजित कार्यशाला में अंतरिक्ष अभियांत्रिकी, विमानन अभियांत्रिकी व विमान रखरखाव अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसरो ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित किया है। वर्ष 1975 में भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट के ऐतिहासिक प्रक्षेपण से लेकर कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 14 जुलाई 2023 को प्रक्षेपित चंद्रयान-3 भारत के लिए ऐतिहासिक दिन सिद्ध हुआ, क्योंकि यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफलतापूर्वक उतरा। इस मिशन ने चंद्रमा की मिट्टी व पर्यावरण से जुड़े वैज्ञानिक ज्ञान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। चंद्रयान-3 के बाद आगामी चंद्र अभियानों पर भी निरंतर कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि गगनयान भारत की पहली स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को निम्न पृथ्वी कक्षा में भेजना है। इस मिशन के अंतर्गत अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे पूर्ण समर्पण व लगन से पढ़ाई करें। इन अभियांत्रिकी पाठ्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ रही है। युवा इसरो व रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं। विमानन क्षेत्र में यात्रियों, विमानों व हवाई अड्डों की बढ़ती संख्या के साथ रोजगार के अवसर लगातार विस्तार पा रहे हैं। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों ने अतिथि का पुष्पगुच्छ, शॉल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।
