यमुना पुनरुद्धार: सात दिन में सीसीटीवी कैमरे लगाएं लापरवाही पर होगी कार्रवाई:योगेश कुमार
सोनीपत: यमुना नदी के पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सचिव योगेश कुमार बैठक लेते हुए।
- यमुना पुनरुद्धार: औद्योगिक क्षेत्रों में निगरानी कड़ी
- गैरहाजिर अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए
सोनीपत। यमुना नदी के पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लघु सचिवालय में जिला स्तरीय विशेष कार्य बल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने की। शुक्रवार को बैठक में यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अनुपस्थित रहे अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए ।
योगेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यमुना नदी का पुनरुद्धार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन को स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्रों के संपत्ति प्रबंधकों को एक सप्ताह के भीतर प्रवेश एवं निकास द्वारों पर नंबर पहचान आधारित बंद परिपथ दूरदर्शन कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नियंत्रण कक्ष स्थापित कर चौबीसों घंटे कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस विभाग के सहयोग से विशेष अभियान चलाकर औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले अवैध टैंकरों के चालान काटने और उन्हें काली सूची में डालने के आदेश भी दिए गए। औद्योगिक क्षेत्रों में बने अवैध प्रवेश द्वारों को तत्काल बंद करने के निर्देश जारी किए गए।
इसके अलावा लकड़ी से लदे वाहनों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लकड़ी जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। ठोस, प्लास्टिक एवं खतरनाक अपशिष्ट को खुले में फेंकने वाली इकाइयों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सामूहिक अपशिष्ट जल शोधन संयंत्रों और मलजल शोधन संयंत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई। जठेड़ी मार्ग पर जलभराव और नाथूपुर क्षेत्र में फैले कचरे की समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को एक सप्ताह में किए गए कार्यों की रिपोर्ट फोटो एवं वीडियो सहित हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रस्तुत करें।
