सोनीपत: भारतीय संस्कृति के रीति-रिवाज वैज्ञानिक सोच पर आधारित: श्यो प्रसाद
सोनीपत, अजीत कुमार। गांव हशनगढ़ में बीएमसी अध्यक्ष सुरेश की अध्यक्षता में जैव विविधता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के जिला समन्वयक श्यो प्रसाद ने ग्रामीणों को भारतीय संस्कृति और प्रकृति के गहरे संबंध के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तुलसी, बरगद और पीपल जैसे वृक्षों को हमारे समाज में विशेष सम्मान दिया जाता है और इन्हें धार्मिक आस्था से जोड़ा गया है।
श्यो प्रसाद ने कहा कि इन वृक्षों की पूजा के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। ये वृक्ष पर्यावरण को शुद्ध करने, औषधीय गुण प्रदान करने और मानव जीवन को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी पत्तियां, छाल और लकड़ी का उपयोग प्राचीन काल से ही उपचार और जीवन सुधार के लिए किया जाता रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय संस्कृति और इसके रीति-रिवाज पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर टिके हैं। इसलिए हमें अपनी संस्कृति का सम्मान करना चाहिए और अन्य संस्कृतियों के प्रति भी सम्मान का भाव रखना चाहिए। कार्यक्रम में बीएमसी सदस्य राजेश, पर्यावरण प्रेमी आनंद हुड्डा, राजबीर सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
