श्यो प्रसाद: पेड़ों के बिना मानव जीवन अधूरा, जल बिन मछली जैसा है अस्तित्व: श्यो प्रसाद
पेड़ों के बिना मानव जीवन अधूरा, जल बिन मछली जैसा है अस्तित्व: श्यो प्रसाद
सोनीपत। गांव फरमाना में सरपंच सुशीला देवी की अध्यक्षता में जैव विविधता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर श्यो प्रसाद ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पेड़ों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में पेड़ों का महत्व जल बिन मछली जैसा है, क्योंकि पेड़ ही मानव जीवन का आधार हैं।
श्यो प्रसाद ने बताया कि प्राचीन काल में आदिमानव पेड़ों से ही अपने शरीर को ढकता था, उन पर आश्रय लेता था और जंगली जानवरों से बचने के लिए पेड़ों पर चढ़ जाता था। पेड़ों से मनुष्य को छाया, फल, औषधियां और लकड़ी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अपने स्वार्थ के चलते बिना सोचे-समझे पेड़ों की कटाई कर रहा है, जबकि इससे वह स्वयं अपने भविष्य और प्रकृति को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्राचीन समय में वृक्षों ने मानव जाति को कई प्राकृतिक आपदाओं से बचाया है। तेज बारिश, लू और तेज धूप से पेड़ों ने हमेशा मनुष्य की रक्षा की है। आज घरों, कारखानों, स्कूलों और शॉपिंग मॉल के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, लेकिन नए पेड़ लगाने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
श्यो प्रसाद ने अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम में रोशन लाल, अजीत, रानी, सतीश सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
