March 6, 2026

राज्यपाल आचार्य देवव्रत: राई रेस्ट हाउस में राज्यपाल देवव्रत का किसानों-पशुपालकों से संवाद कार्यक्रम

Governor Devvrat: Governor Devvrat's dialogue program with farmers and cattle rearers at Rai Rest House

सोनीपत: गुजरात और महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का राई रेस्ट हाऊस में स्वागत करते हुए।

  • हरियाणा नस्ल, गिर, साहीवाल, राठी और थारपारकर जैसी देशी नस्लों का संरक्षण और संवर्धन करें: राज्यपाल

सोनीपत, अजीत कुमार। राई रेस्ट हाउस, सोनीपत में गुजरात और महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों और पशुपालकों के साथ शुक्रवार को विशेष संवाद कार्यक्रम किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया। राज्यपाल ने देशी नस्ल की गायों के संरक्षण, संवर्धन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को इस दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने देशी नस्ल की गायों के सुधार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा नस्ल, गिर, साहीवाल, राठी और थारपारकर जैसी देशी नस्लों का संरक्षण और संवर्धन किया जाना चाहिए। इससे दूध उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है। उन्होंने बताया कि अपने लगभग 180 एकड़ के खेत में देशी नस्ल की गायों के सुधार पर काम करते हुए उन्होंने दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है।

संवाद के दौरान राज्यपाल ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से उपजाऊ भूमि की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कई स्थानों पर मिट्टी की उर्वरता घट रही है। ऐसे में देशी गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार होने वाले जीवामृत और घन जीवामृत का उपयोग खेती के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इन प्राकृतिक संसाधनों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और खेती टिकाऊ बनती है।

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए किसानों और पशुपालकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। झज्जर जिले के फरमान गांव की महिला पशुपालक रेनू सांगवान ने बताया कि वह लंबे समय से देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही है। उसके पास ऐसी देशी गाय है जो अधिकतम 24 लीटर दूध देती है और वर्तमान में उसके पास लगभग 280 देशी गोवंश हैं। सोनीपत जिले के भैंसवाल गांव के एक किसान ने बताया कि उसकी शुद्ध हरियाणा नस्ल की गाय 26 लीटर दूध दे रही है। वहीं रोहतक जिले के निदाना गांव से आए पशुपालक सारण देव ने बताया कि उसके पास शुद्ध हरियाणा नस्ल की कई गायें हैं जो 17 लीटर से अधिक दूध दे रही हैं।

राज्यपाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देशी गायों के गोबर और गौमूत्र से तैयार प्राकृतिक खाद तथा जैविक कीटनाशक रासायनिक उर्वरकों, यूरिया और डीएपी की तुलना में अधिक लाभकारी हैं। इनके उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, उत्पादन क्षमता सुधरती है और खेती पर्यावरण के अनुकूल बनती है।

कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने किसानों से अपील की कि वे देशी नस्लों के संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को अपनाएं। इससे खेती की लागत घटेगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उपस्थित किसानों और पशुपालकों ने भी देशी नस्ल सुधार और प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

About The Author