कोहरे की भेंट चढ़ा भारत–दक्षिण अफ्रीका टी-20, बीसीसीआई लौटाएगा दर्शकों के टिकट के पैसे
कोहरा कम होने का इंतजार करते फैंस।
लखनऊ। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच लखनऊ में खेला जाने वाला चौथा टी-20 मैच दर्शकों के लिए भारी निराशा में बदल गया। 17 दिसंबर को इकाना क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला घने कोहरे के कारण रद्द कर दिया गया। हालात ऐसे थे कि टॉस तक नहीं हो सका। स्टेडियम में पहुंचे हजारों दर्शकों को बिना मैच देखे ही लौटना पड़ा। किसी ने गेहूं बेचकर टिकट खरीदा था तो कोई नेपाल से सिर्फ मैच देखने आया था। मैच रद्द होने के बाद दर्शकों ने टिकट के पैसे लौटाने की मांग की, जिसे अब बीसीसीआई ने स्वीकार कर लिया है।
कोहरे के कारण नहीं हो सका टॉस
लखनऊ में शाम से ही घना कोहरा छाया हुआ था। इसके बावजूद दर्शक उत्साह के साथ स्टेडियम पहुंचे। अंपायरों ने छह बार मैदान का निरीक्षण किया, लेकिन विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण मैच कराना संभव नहीं हो सका। आखिरकार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुकाबला रद्द करने का फैसला लिया गया।
दर्शकों की नाराजगी, भावुक अपील
मैच रद्द होने के बाद दर्शकों में नाराजगी साफ नजर आई। एक क्रिकेटप्रेमी ने कहा कि उसने तीन बोरे गेहूं बेचकर टिकट खरीदा था। वहीं, एक अन्य दर्शक नेपाल से लखनऊ सिर्फ मैच देखने आया था, लेकिन उसे मायूस होकर लौटना पड़ा। कई युवाओं ने बताया कि उन्होंने महीनों तक पॉकेट मनी बचाकर टिकट लिया था। सभी की एक ही मांग थी कि टिकट के पूरे पैसे वापस किए जाएं।
बीसीसीआई करेगा पूरा रिफंड
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि इंटरनेशनल मैचों का इंश्योरेंस कराया जाता है। नियमों के अनुसार अगर एक भी गेंद फेंकी जाती तो रिफंड संभव नहीं होता, लेकिन चूंकि टॉस तक नहीं हुआ, इसलिए यूपी क्रिकेट एसोसिएशन इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम करेगी। प्रक्रिया पूरी होने में 7 से 10 दिन लगेंगे। टिकट ऑनलाइन बिके थे, इसलिए रकम सीधे दर्शकों के बैंक खातों में लौटाई जाएगी।
सीरीज में भारत आगे
पांच मैचों की टी-20 सीरीज में टीम इंडिया 2-1 से आगे है। भारत ने पहला और तीसरा मैच जीता, जबकि साउथ अफ्रीका ने दूसरा मुकाबला अपने नाम किया। सीरीज का आखिरी मैच 19 दिसंबर को अहमदाबाद में खेला जाएगा।
पहले भी कोहरे से प्रभावित हो चुके हैं मैच
इससे पहले 2023 वनडे वर्ल्ड कप में धर्मशाला में भारत-न्यूजीलैंड मैच को भी कोहरे के कारण कुछ समय के लिए रोका गया था, हालांकि तब बाद में खेल संभव हो पाया था।
