डीसीआरयूएसटी मुरथल: डीसीआरयूएसटी में शोध प्रोत्साहन, 14 शोधार्थी पीएचडी पात्र घोषित
सोनीपत: कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह।
सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल ने शैक्षणिक और शोध उत्कृष्टता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। परीक्षकों के बोर्ड और संबंधित शोध समिति की अनुशंसा पर विश्वविद्यालय के 14 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि के लिए पात्र घोषित किया गया है। इस निर्णय से विश्वविद्यालय के अकादमिक वातावरण में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।
कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने पात्र घोषित सभी शोधार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान गुणवत्तापूर्ण शोध से बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में शोध को केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं माना जाता, बल्कि उसे सामाजिक, औद्योगिक और राष्ट्रीय आवश्यकताओं से जोड़ा गया है। उद्देश्य ऐसे शोधार्थी तैयार करना है, जो ज्ञान के साथ समाज के लिए उपयोगी समाधान प्रस्तुत कर सकें। शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक विभाग के दो शोधार्थियों को नियमानुसार 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। साथ ही पीएचडी कर रहे प्रत्येक शोधार्थी को 10 हजार रुपये आकस्मिक अनुदान दिया जाएगा, जिससे शोध सामग्री, प्रयोग और क्षेत्रीय अध्ययन में सुविधा मिल सके।
पीएचडी के लिए पात्र घोषित शोधार्थियों में जैव प्रौद्योगिकी विभाग से सोनिया त्यागी, ऊर्जा एवं पर्यावरण विज्ञान उत्कृष्टता केंद्र से स्वीटी, भौतिकी विभाग से रेनु, भावना, सिमरन रानी, मोनिका ढल और अमित शामिल हैं। यांत्रिक अभियांत्रिकी से दिनेश देशवाल, विद्युत अभियांत्रिकी से निर्देश सिंह और मुस्कान आहुजा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग से विकास, ऊषा कुमारी, नितिन कालीरमण और साक्षी को पात्र घोषित किया गया है। संबंधित अधिसूचना विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी कर दी गई है।
कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली लागू है और अंतर्विषयक शोध को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। निरंतर गुणवत्ता सुधार से ही विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान बना सकता है।
