नदियां कल कल बहती रहती पहाड़ों से उछल-कूद कर पत्थरों से टकराती बल खाती नाग-मोड़ तीव्र चाल ये चलती अपना...
कवि दल्लीचंद जांगिड़
बच्चे के जन्मते ही घर परिवार में खुशीयां छाई हजार। महिलाओं ने मंगळा गीत गाए चार, माँ फुली न समाई...
हर काम सोच समझकर करिये, कारण आपके हर शब्द ईश्वरीय रिकॉर्ड व्यवस्था (कुदरत में) में दर्ज होकर "ऐवरी ऐक्शन ईज...
एक दु:खी बाप के ह्रदय से निकले दु:ख भरे उद्दगार.... हाय बुढापा थनै कोई लेवे तो बेच दूं , मोल...
क्या भला, क्या बुरा....? क्या श्रेयस, क्या प्रेयस है - - - - यही तो आध्यात्म वालों के लिए सही...
जिसने कभी सत्संग नहीं सुनी होगी, नहीं शास्त्रों का अध्यन किया होगा और कभी किसी आध्यात्मिक ज्ञान के जानकारों के...
मनुष्य जीवन में उपयुक्त एक अनमोल सूत्र माफ कर दो या या माफी मांग लो जीवन की बहुत समस्याएं स्वतः...
किसी भी क्षैत्र में आपको सफलताओं को हासिल करने के लिए जिज्ञासा का होना अति आवश्यक हो जाता है वरना...
