February 11, 2026

बॉलीवुड की सबसे पहचान वाली आवाज़ का बड़ा फैसला: अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से लिया संन्यास, कहा– ‘यहीं खत्म करता हूं यह शानदार सफर’

Bollywood's most recognizable voice makes a big decision: Arijit Singh retires from playback singing, saying, "I'm ending this wonderful journey here."

अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से लिया संन्यास।

मुंबई। बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। अपनी भावुक आवाज़, सादगी और हर पीढ़ी के दिलों तक पहुंचने वाले गानों के लिए मशहूर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। बीते एक दशक से ज्यादा समय से हिंदी सिनेमा की पहचान बन चुके अरिजीत सिंह ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की। उनके इस कदम को फिल्मी संगीत के एक दौर के अंत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि वह संगीत से दूर नहीं जा रहे, बल्कि अब फिल्मों के दायरे से बाहर निकलकर अपनी रचनात्मक आज़ादी के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

अरिजीत सिंह ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा।”

पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने इसे भावुक विदाई बताया तो किसी ने बॉलीवुड के लिए अपूरणीय क्षति।

प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बाद अरिजीत सिंह का फोकस पूरी तरह अलग दिशा में होगा। वे साल 2027 से ग्लोबल कोलेबोरेशन की योजना पर काम करेंगे, जिसमें अलग-अलग देशों के कलाकारों के साथ म्यूजिक प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे। इसके अलावा वे 2027 में वर्ल्ड टूर पर भी निकलेंगे, जहां पारंपरिक लाइव शो के साथ-साथ वर्चुअल रियलिटी कॉन्सर्ट्स के जरिए डिजिटल ऑडियंस से भी जुड़ेंगे। अरिजीत अपने नए गानों और एल्बम्स को सीधे दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं और फिल्मों से अलग हटकर इंडिपेंडेंट और फ्यूजन म्यूजिक पर ज्यादा ध्यान देंगे।

अरिजीत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया। वे लंबे समय से इस पर विचार कर रहे थे और अब उन्हें लगा कि यही सही वक्त है। उन्होंने कहा कि वे अपने प्रशंसकों के प्यार और समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहेंगे और आने वाले समय में नए अंदाज में उनसे जुड़े रहेंगे।

अपने शांत और सादे स्वभाव के बावजूद अरिजीत सिंह कई बार विवादों में भी रहे हैं। सबसे चर्चित विवाद सलमान खान से जुड़ा रहा। साल 2014 के गिल्ड अवॉर्ड्स में ‘तुम ही हो’ गाने के लिए अवॉर्ड लेने पहुंचे अरिजीत सिंह से मंच पर सलमान खान और रितेश देशमुख मजाक कर रहे थे। इस दौरान अरिजीत के एक जवाब के बाद माहौल गंभीर हो गया। बाद में संगीतकार मिथुन ने मंच से अरिजीत का बचाव किया, जिससे मामला और बढ़ गया। इसी विवाद के बाद सलमान खान की फिल्म ‘सुल्तान’ से अरिजीत सिंह का गाया हुआ गाना हटा दिया गया। अरिजीत ने सोशल मीडिया पर सलमान से माफी भी मांगी थी, लेकिन फैसला नहीं बदला गया।

हालांकि अब दोनों के बीच सुलह हो चुकी है। बिग बॉस 19 के ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड में सलमान खान ने साफ कहा कि उनके और अरिजीत सिंह के बीच जो कुछ भी हुआ था, वह एक गलतफहमी थी और अब दोनों अच्छे दोस्त हैं।

अरिजीत सिंह का नाम ‘गेरुआ’ गाने को लेकर भी विवादों में आया। कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘दिलवाले’ फिल्म का यह गाना गाने के बाद उनके कुछ कॉन्सर्ट्स कैंसिल कर दिए गए थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि यह कदम गेरुआ रंग को लेकर लिया गया। इस पर अरिजीत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि एक रंग को लेकर इतना विवाद होना हैरान करने वाला है। बाद में पार्टी की ओर से सफाई दी गई कि कॉन्सर्ट G-20 समिति के चलते कैंसिल हुए थे।

25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जीयागंज में जन्मे अरिजीत सिंह का संगीत से नाता बचपन से ही रहा। उनकी मां शास्त्रीय गायिका थीं और मौसी तबला वादक। साल 2005 में उन्होंने रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया। भले ही वे शो नहीं जीत पाए, लेकिन उनकी आवाज़ ने इंडस्ट्री का ध्यान खींच लिया। ‘मर्डर 2’ के गाने ‘फिर मोहब्बत’ से उन्हें असली पहचान मिली और ‘तुम ही हो’ ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया।

अपने करियर में अरिजीत सिंह ने 532 हिंदी, 144 बंगाली और 25 तेलुगु सहित 700 से ज्यादा गाने गाए हैं। उन्हें 2 नेशनल अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड समेत कुल 122 अवॉर्ड मिल चुके हैं। साल 2015 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

‘तुम ही हो’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘अगर तुम साथ हो’, ‘राब्ता’, ‘गेरुआ’, ‘केसरिया’ जैसे गानों के जरिए अरिजीत सिंह ने जो पहचान बनाई है, वह लंबे समय तक कायम रहेगी। प्लेबैक सिंगिंग से उनका संन्यास भले ही एक युग के अंत जैसा हो, लेकिन संगीत की दुनिया में उनकी आवाज़ और उनका असर हमेशा जिंदा रहेगा।

About The Author