कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा: 126 करोड़ से भालौठ सबब्रांच पुनर्निमाण, नहरी क्षमता में बढ़ोतरी
सोनीपत: कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा जानकारी देते हुए।
सोनीपत। सोनीपत और रोहतक जिलों में सिंचाई व पेयजल व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली भालौठ सबब्रांच को नए वर्ष में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। पांच दशक पुरानी इस नहर के जीर्णोद्धार पर 126 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे नहर की क्षमता में 33 प्रतिशत की वृद्धि होगी और हजारों एकड़ कृषि भूमि तथा लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह जानकारी गोहाना से विधायक एवं हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने दी।
डॉ अरविंद शर्मा ने शनिवार को बताया कि खूबडू हैड से मोई हैड तक लगभग 25 किलोमीटर लंबे खंड में भालौठ सबब्रांच का पुनर्निमाण किया जाएगा। यह नहर 53 वर्ष पूर्व पक्की की गई थी, लेकिन इसके बाद कभी व्यापक मरम्मत नहीं हुई। वर्तमान में नहर की लाइनिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर पुल, घाट और मोघे जर्जर हो चुके हैं, जिसके कारण खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। नाबार्ड की लगभग 600 करोड़ रुपये की परियोजना के अंतर्गत इस नहर के लिए कार्यवाही अंतिम चरण में है। 69 करोड़ 89 लाख रुपये के दो टेंडर जारी हो चुके हैं। लाइनिंग कार्य पूरा होने के बाद नहर की क्षमता 2100 क्यूसेक से बढ़कर 2700 क्यूसेक हो जाएगी। इसके अतिरिक्त 56 करोड़ रुपये की लागत से पुलों का पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण, नए घाटों का निर्माण तथा सभी गेट बदले जाएंगे।
इस परियोजना से गोहाना और बरोदा विधानसभा क्षेत्र के 28 गांवों सहित किलोई क्षेत्र के अनेक गांवों को लाभ मिलेगा। नहरी सिंचाई के साथ-साथ पीने के पानी और पशुओं के तालाबों की जलापूर्ति भी बेहतर होगी। डॉ अरविंद शर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया।
डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि गोहाना को संगठनात्मक और पुलिस जिला बनाया जा चुका है। जिला बनाने के शेष मापदंड पूरे कराने के लिए सरकार स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नए वर्ष पर लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार किया है। दूसरी किश्त में 8 लाख लाभार्थियों को शामिल करते हुए 1 लाख 80 हजार रुपये तक आय वाले परिवारों को दायरे में लाया गया है।
कैबिनेट मंत्री ने 2 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से बनी तीन संपर्क सड़कों का उद्घाटन तथा 37 लाख रुपये की लागत से अटल किसान श्रमिक कैंटीन का शिलान्यास किया।
