January 7, 2026

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन:तीन दिन का राष्ट्रीय शोक; पीएम मोदी समेत दुनिया भर से श्रद्धांजलि

Bangladesh's first woman Prime Minister Khaleda Zia passes away Three days of national mourning; tributes pour in from around the world, including from PM Modi

खालिदा जिया 1991 से 1996 और 2001 से 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रही थीं।

बांग्लादेश। बांग्लादेश की राजनीति की एक युगांतकारी शख्सियत और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार सुबह 6 बजे ढाका में निधन हो गया। 80 वर्षीय खालिदा जिया पिछले करीब 20 दिनों से वेंटिलेटर पर थीं और कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन से न सिर्फ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), बल्कि पूरे देश और दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। दो बार प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया का राजनीतिक जीवन संघर्ष, टकराव और आंदोलनों से भरा रहा। उनके निधन पर बांग्लादेश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बांग्लादेश के राष्ट्रपति, अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया का मंगलवार सुबह ढाका में निधन हो गया। परिवार और पार्टी नेताओं ने उनके निधन की पुष्टि की। वे लंबे समय से सीने के संक्रमण, लिवर और किडनी की बीमारी, डायबिटीज, गठिया और आंखों से जुड़ी परेशानियों से जूझ रही थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

खालिदा जिया 1991 से 1996 और 2001 से 2006 तक दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं और 1980 के दशक में सक्रिय राजनीति में आईं। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उन्हें पाकिस्तानी सेना ने नजरबंद किया था और युद्ध की समाप्ति के बाद रिहा किया गया। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर आंदोलनों, चुनावी संघर्षों और सत्ता की लड़ाइयों से भरा रहा।

उनके सम्मान में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश फुटबॉल फेडरेशन ने सभी मैच स्थगित कर दिए हैं। बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मुकाबलों के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी प्रतियोगिताएं भी टाल दी गई हैं।

खालिदा जिया को ढाका के संसद भवन इलाके में स्थित जिया गार्डन में उनके पति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफनाने की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में BNP नेता व समर्थक वहां पहुंच रहे हैं।

अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक और जनाजा के दिन सरकारी छुट्टी का ऐलान किया। राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी शोक जताते हुए कहा कि खालिदा जिया के जाने से बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हुआ है।

पीएम मोदी ने व्यक्त किया शोक:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने एक ऐसी नेता को खो दिया है, जिन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की और राजनीति में अहम भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि इस कठिन समय में भारत सरकार और देश की जनता खालिदा जिया के परिवार और बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने 2015 में ढाका यात्रा के दौरान खालिदा जिया से हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा।

भारत को लेकर खालिदा जिया का रुख अक्सर सख्त रहा, हालांकि बाद के वर्षों में संबंधों में कुछ सुधार भी देखने को मिला। उनका जीवन और राजनीतिक यात्रा बांग्लादेश के लोकतांत्रिक संघर्षों की कहानी भी कहती है। उनके निधन के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।

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