सतकुंभा उत्सव 2026: लोक-आस्था, वेद–मंत्र और हरियाणवी रंग में रमा सतकुंभा धाम उत्सव
सोनीपत: हरियाण कला परिषद के कलाकारों को आर्शीवाद देते हुए पीठज्ञधीष्वर राजेश स्वरुप जी महाराज।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के खेड़ी गुज्जर गांव स्थित पावन सिद्धपीठ तीर्थ सतकुंभा धाम में चल रहे सात दिवसीय दिव्य सतकुंभा उत्सव के दूसरे दिन धार्मिक श्रद्धा, वैदिक परंपरा और हरियाणवी सांस्कृतिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला। प्रातः काल से ही धाम परिसर वेद मंत्रों की गूंज, हवन की सुगंध और श्रद्धालुओं की आस्था से ओतप्रोत रहा।
उत्सव के दूसरे दिन रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पीठाधीश्वर महंत राजेश स्वरुप महाराज ने यज्ञ के आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रुद्र महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, समाज में सकारात्मक ऊर्जा और लोककल्याण का माध्यम है। वेदों में वर्णित रुद्र तत्व जीवन में संतुलन, साहस और धर्मबोध को जाग्रत करता है। यज्ञ के माध्यम से वातावरण की शुद्धि होती है और मानव मन को संयम व करुणा की दिशा मिलती है।
सतकुंभा उत्सव 2026: सतकुंभा से उठी साधना की ज्योति, कलश यात्रा ने दिया सेवा-शांति का संदेश
महायज्ञ में आचार्य श्रीकांत रतुरी व आचार्य शिवम कौशिक सहित अन्य विद्वान आचार्यों ने वैदिक ऋचाओं का शुद्ध उच्चारण करते हुए विधिवत हवन संपन्न कराया। यज्ञशाला में हजारों श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर विश्व कल्याण, राष्ट्र शांति और पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना की। वेद मंत्रों की लय और अग्नि की ज्वाला ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से भर दिया।
धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव को जन–जन से जोड़ा। हरियाणा कला परिषद से जुड़े कलाकार अंकित शर्मा एंड पार्टी ने हरियाणवी संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। ढोलक की थाप, रागिनी की मिठास और देसी रंग में सजे कलाकारों ने हरियाणा की माटी, मेहनत और मेलजोल की परंपरा को जीवंत कर दिया। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ कार्यक्रमों का आनंद लिया।
सतकुंभा धाम में आयोजित यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत, सामूहिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा है। श्रद्धा, संस्कृति और सेवा भाव से सजा यह दिव्य उत्सव आने वाले दिनों में भी साधकों और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता रहेगा। डा. शिवानी शर्मा, प्रबंधक सूरज, संत सत्यवान, आशीष वर्मा, प्रवेश कौशिक विजय सिरसा बिल्ला पंडित विरेंद्र शर्मा आदि सेवाए में लगे रहे।
सतकुंभा उत्सव एक नजर में




