February 11, 2026

सोने-चांदी में एक दिन की बड़ी टूट: MCX पर चांदी 26% और सोना 12% लुढ़का, निवेशकों में हड़कंप

Gold and silver fall sharply in one day: Silver fell 26% and gold 12% on MCX, causing panic among investors.

सोने-चांदी में एक दिन की बड़ी टूट।

नई दिल्ली, अजीत कुमार।  30 जनवरी को गोल्ड और सिल्वर मार्केट में तेज गिरावट देखने को मिली। रात 11:55 बजे कारोबार बंद होने तक प्रॉफिट बुकिंग के दबाव में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं के दाम बुरी तरह टूट गए। MCX पर चांदी 1,06,092 रुपए गिरकर 2,93,801 रुपए प्रति किलो पर आ गई। एक दिन पहले यानी 29 जनवरी को चांदी का भाव 3,99,893 रुपए तक पहुंच गया था। इस तरह महज एक दिन में चांदी की कीमत में करीब 26.53% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को चौंका दिया।

सोने के दामों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। MCX पर 10 ग्राम सोना 20,323 रुपए यानी करीब 12% टूटकर 1,49,080 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले 29 जनवरी को सोने का भाव 1,69,403 रुपए था। इतना ही नहीं, शुक्रवार को सोने और चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी 23% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे शेयर बाजार के निवेशकों को भी झटका लगा।

सर्राफा बाजार में भी गिरावट का असर साफ दिखा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को चांदी 40,638 रुपए सस्ती होकर 3,39,350 रुपए प्रति किलो पर आ गई। वहीं 24 कैरेट सोने का भाव 9,545 रुपए गिरकर 1,65,795 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गया। MCX और सर्राफा बाजार के दामों में अंतर की वजह ट्रेडिंग और फिजिकल लागत को माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग है। हाल के दिनों में सोने और चांदी ने ऑल टाइम हाई स्तर छू लिया था, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। इसके अलावा कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद फिजिकल डिमांड कमजोर पड़ी, वहीं औद्योगिक उपयोग को लेकर भी चिंताएं बढ़ीं, जिसका असर खासकर चांदी पर पड़ा।

बाजार जानकारों का कहना है कि इतनी तेज गिरावट के बाद निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। ज्वेलरी खरीदने वालों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदें और कीमत को IBJA जैसी आधिकारिक वेबसाइटों से जरूर जांच लें। वहीं असली चांदी की पहचान के लिए मैग्नेट, आइस, स्मेल और क्लॉथ टेस्ट जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल बाजार की नजर आगे के ट्रेंड और ग्लोबल संकेतों पर टिकी हुई है।

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