सोनीपत: मनरेगा काम का संवैधानिक अधिकार, बदलावों से छीना जा रहा: पंवार
सोनीपत: मनरेगा बचाओं संग्राम कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजीव दहिया व पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार का स्वागत करते हुए ग्रामीण।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत से पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि मनरेगा देश के नागरिकों को काम करने का संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करता है, लेकिन वर्तमान में इसमें ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिनसे यह अधिकार कमजोर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार मनरेगा की मूल भावना से छेड़छाड़ कर ग्रामीणों के रोजगार अधिकार को सीमित करने की कोशिश कर रही है।
बुधवार को पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष संजीव दहिया के साथ मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत गांव ठरू, सांदल कलां, माहरा सहित अन्य गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं का फूल मालाओं से स्वागत किया।
सुरेंद्र पंवार ने कहा कि पहले प्रत्येक परिवार को न्यूनतम 100 दिनों तक रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों से यह गारंटी समाप्त होने की आशंका है। पहले हर गांव में काम की कानूनी गारंटी थी, अब इसे चुनिंदा गांवों तक सीमित किया जा रहा है। पहले मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण पूरे वर्ष काम की मांग कर सकते थे, लेकिन अब फसल कटाई के दौरान रोजगार नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नए प्रावधानों में ग्राम पंचायत की भूमिका को कमजोर किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही प्रभावित होगी। उन्होंने मांग की कि काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी और जवाबदेही की गारंटी स्पष्ट रूप से तय की जाए।
जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने मनरेगा में किए गए बदलावों को तुरंत वापस लेने, काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली करने और न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये निर्धारित करने की मांग की। ग्रामीणों ने मनरेगा बचाओ संग्राम में सक्रिय भागीदारी का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में जिला पार्षद संजय बड़वासनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
