सरकारी बैंकों की हड़ताल: 5-डे वर्किंग की मांग पर आज सरकारी बैंकों की हड़ताल, चार दिन तक प्रभावित रहेगा कामकाज
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने आज देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है।
नई दिल्ली, अजीत कुमार। देशभर में आज सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5-डे वर्किंग सिस्टम लागू करने की मांग को लेकर एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। पीटीआई के मुताबिक इस हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों में कैश ट्रांजैक्शन, चेक क्लियरेंस और ब्रांच से जुड़े अधिकांश काम प्रभावित रहेंगे। हालांकि बैंकों की ओर से शाखाएं पूरी तरह बंद रखने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति से सेवाएं बाधित रहने की संभावना है। इस हड़ताल का असर इसलिए भी ज्यादा पड़ेगा क्योंकि इससे पहले महीने का चौथा शनिवार, रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी रही है। ऐसे में यह लगातार चौथा दिन होगा जब सरकारी बैंकों का नियमित कामकाज प्रभावित रहेगा। वहीं, प्राइवेट बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं और उनमें सामान्य रूप से काम जारी रहेगा।
हड़ताल की वजह क्या है
बैंक यूनियनों और सरकार के बीच मुख्य विवाद 5-डे वर्किंग सिस्टम को लेकर है। बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में केवल पांच दिन काम और सभी शनिवारों को छुट्टी की मांग कर रहे हैं। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में सभी शनिवारों को अवकाश देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इस पर सरकारी अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
यूनियनों का कहना है कि वे संतुलित कार्यप्रणाली चाहते हैं और इसके बदले हर कार्यदिवस में 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को भी तैयार हैं। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
हड़ताल के चलते बैंक ब्रांच से जुड़े कई जरूरी काम अटक सकते हैं। कैश जमा करना, चेकबुक लेना, केवाईसी अपडेट या अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए ग्राहकों को परेशानी हो सकती है। चेक क्लियरेंस में 2-3 दिन तक की देरी संभव है, जिससे भुगतान अटक सकता है। लगातार छुट्टियों के कारण कुछ इलाकों में एटीएम में कैश की किल्लत भी हो सकती है। इसके अलावा लोन अप्रूवल, एनओसी और सरकारी योजनाओं से जुड़े बैंकिंग कामों में भी देरी होने की आशंका है।
कौन-सी सेवाएं रहेंगी चालू
हड़ताल के बावजूद यूपीआई और डिजिटल पेमेंट सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम यूपीआई के जरिए भुगतान किया जा सकेगा। इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग से IMPS, NEFT और RTGS ट्रांजैक्शन, बैलेंस चेक और बिल पेमेंट जैसे काम सामान्य रूप से चलते रहेंगे। प्राइवेट बैंक खुले रहेंगे और उनके ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। एटीएम तकनीकी रूप से बंद नहीं रहेंगे, लेकिन कैश उपलब्धता स्थानीय हालात पर निर्भर करेगी।
