February 22, 2026

वीर बाल दिवस: सिद्धांतों, संस्कृति, राष्ट्र के लिए दबाव में झुके नहीं वीर बालक: बडौली

Brave boys did not bow down under pressure for principles, culture and nation: Badauli

सोनीपत:कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली का स्वागत करते हुए आयोजक।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीर बाल दिवस मनाने की परंपरा शुरू कर प्रेरक संदेश पहुंचाना

सोनीपतवीर बाल दिवस के अवसर पर डीसी जैन स्कूल में प्रेरणादायी कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली ने दीप प्रज्वलन करके किया। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान का स्मरण करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि सिद्धांतों, संस्कृति, राष्ट्र के लिए दबाव में वीर बालक झुके नहीं उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गुलामी के दौर में जब अत्याचार और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव था, तब गुरु परंपरा ने सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए अद्भुत साहस का परिचय दिया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान, गुरु गोविंद सिंह द्वारा खालसा पंथ की स्थापना तथा चमकौर साहिब के ऐतिहासिक युद्ध का उल्लेख किया। साहिबजादा अजीत सिंह और साहिबजादा जुझार सिंह ने युद्धभूमि में वीरगति प्राप्त की, जबकि कम आयु के साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह ने अपार दबाव, भय और प्रलोभन के बावजूद धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं किया और फतेहगढ़ साहिब में अमानवीय यातनाएं सहते हुए शहादत दी।

उन्होंने कहा कि अपने धर्म, संस्कृति और देश की परंपराओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीर बाल दिवस मनाने की परंपरा शुरू करने का उद्देश्य बच्चों तक यह प्रेरक संदेश पहुंचाना है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के बच्चे भविष्य में देश की रीढ़ बनेंगे।

Brave boys did not bow down under pressure for principles, culture and nation: Badauli
सोनीपत: वीर बाल दिवस पर प्रेरणादायी कार्यक्रम का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए कलाकार।

कार्यक्रम में मेयर राजीव जैन ने कहा कि वीर बाल दिवस बच्चों को देश, धर्म और संस्कृति के प्रति समर्पण की भावना सिखाता है। साहिबजादों का जीवन त्याग, साहस और आत्मबल का अनुपम उदाहरण है। आज के समय में छोटे-छोटे प्रलोभनों में मूल्यों से समझौता करने की घटनाएँ चिंताजनक हैं, ऐसे में वीर बाल दिवस समाज को सही दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने दीवान टोडरमल जैन के त्याग का उल्लेख करते हुए कहा कि साहिबजादों के अंतिम संस्कार के लिए उनका योगदान भारतीय इतिहास में नैतिक साहस का उदाहरण है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वीडियो के माध्यम से साहिबजादों के जीवन और बलिदान की जानकारी दी गई। इस अवसर पर एसीयूटी योगेश दिल्हौर, जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, भाजपा जिला अध्यक्ष सोनीपत अशोक भारद्वाज, भाजपा जिला अध्यक्ष गोहाना बिजेंद्र मलिक, कार्यक्रम संयोजक सुमित्रा चौहान, सोनिया मोर तथा विद्यालय की प्रधानाचार्य नीरू सहित शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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