February 22, 2026

बॉन्डी बीच आतंकी हमले में निहत्थे अहमद अल-अहमद बने ‘ऑस्ट्रेलिया के हीरो’, गोलियों के बीच छीन ली बंदूक, बचाईं कई जानें

Unarmed Ahmed Al-Ahmad became the 'Hero of Australia' in the Bondi Beach terror attack, snatching his gun amid gunfire and saving many lives.

अहमद ने रविवार को ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर फायरिंग कर रहे आतंकी को पीछे से दबोच लिया और राइफल छीन कर लोगों की जान बचाई।

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हुए आतंकी हमले के बीच 44 वर्षीय अहमद अल-अहमद ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई लोगों की जान बचाई। हनुक्का उत्सव के दौरान दो आतंकियों द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग के बीच अहमद ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक आतंकी से सीधे भिड़ंत कर उसकी राइफल छीन ली। उनकी इस बहादुरी के कारण मौके पर मौजूद कई लोगों को सुरक्षित भागने का समय मिल गया। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में उन्हें ‘ऑस्ट्रेलिया का नया हीरो’ कहा जा रहा है।

अहमद अपने चचेरे भाई जोजाय अलकंज के साथ बॉन्डी बीच पर हनुक्का उत्सव में शामिल होने आए थे। दोनों कॉफी लेने बाहर निकले ही थे कि अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी। अहमद ने देखा कि दो लोग भीड़ पर फायरिंग कर रहे हैं और लोग चीखते हुए इधर-उधर भाग रहे हैं। दोनों कारों के पीछे छिप गए। जोजाय डर से कांप रहे थे और उन्होंने अहमद को आगे न बढ़ने के लिए रोका, लेकिन अहमद ने कहा था कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो परिवार को बताना कि वे लोगों की जान बचाते हुए गए।

मौका देखते ही अहमद निहत्थे हालत में आतंकी साजिद अकरम की ओर दौड़े और पीछे से झपट्टा मारकर उसकी राइफल छीन ली। उन्होंने आतंकी को धक्का देकर दूर गिरा दिया और बंदूक तान दी, जिससे डरकर वह पीछे हटने लगा। अहमद ने राइफल एक पेड़ के पास रख दी, लेकिन तभी दूसरे आतंकी नवीद अकरम ने उन पर फायरिंग कर दी। दो गोलियां उनके बाएं कंधे में लगीं और वे बेहोश होकर गिर पड़े।

अहमद को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई। फिलहाल वे सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अहमद ने कहा कि अगर दोबारा ऐसा मौका आया तो वे फिर वही करेंगे। उनके पिता ने बताया कि बेटे की बहादुरी पर उन्हें गर्व है, जबकि मां यह सुनकर भावुक हो गईं कि उनके बेटे ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।

अहमद 2006 में सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान ऑस्ट्रेलिया आए थे। वे मुस्लिम समुदाय से हैं और तंबाकू की दुकान चलाते हैं। वे दो छोटी बेटियों के पिता हैं। उनकी बहादुरी से प्रभावित होकर लोगों ने उनके इलाज और परिवार की मदद के लिए 5.7 लाख डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज समेत कई बड़े नेताओं ने भी अहमद के साहस की खुलकर सराहना की है।

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